दरअसल, विद्युत वितरण निगम ने करीब दो माह पूर्व ही अपने साइट को अपग्रेड कराया गया है। इसके बाद उपभोक्ताओं के केवाईसी कराए गए हैं, जिसमें बड़ी अनियमितता सामने आई है। नाम, पता और उपभोक्ताओं के नाम में बड़ा अंतर सामने आया था, जिसके बाद दोबारा से इसकी केवाईसी कराई गई। इस प्रक्रिया के पूरी होने के बाद अब विद्युत विभाग ने पहले चरण में ऐसे करीब आठ हजार विद्युत कनेक्शनों को चिह्नित किया है, जो दूसरों के नाम या बीती पुश्तों के नाम पर दर्ज हैं। दूसरे चरण में ऐसे कनेक्शनों की भी जांच कराई जाएगी, जिनकी खरीद-बिक्री हुई है।
अधीक्षण अभियंता नंदलाल ने बताया कि जांच में पता चला है कि वर्षों से पुराने मकान मालिक और मृतक व्यक्ति के नाम के ही कनेक्शन से बिजली का उपभोग उनके परिजन और खरीदार कर रहे हैं। कनेक्शन कटने से बचाने के लिए उपभोक्ता को खरीद फरोख्त के दस्तावेज, नए संपत्ति मालिक की दो तस्वीर, आधार कार्ड, पैन कार्ड, पुराने संपत्ति मालिक की अनापत्ति प्रमाण पत्र आदि जमा कराने होंगे।