गौतमबुद्ध नगर जिले के उद्यमियों को अब सुपरविजन चार्जेज के लिए मेरठ का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। फैक्ट्री में बिजली कनेक्शन लेने के साथ नोएडा कार्यालय से ही सुपरविजन करके अनुमति दे दी जाएगी। वहीं, दूसरी तरफ एक बड़ी राहत देते हुए विद्युत निगम ने एक अप्रैल से सरचार्ज वसूली बंद कर दी है।
24 घंटे बिजली की आपूर्ति भले ही नोएडा में नहीं हो पा रही है, लेकिन विद्युत निगम ने लंबे समय के बाद उद्यमियों को थोड़ी राहत जरूर दी है। अभी तक फैक्ट्री का निर्माण करने के बाद बिजली कनेक्शन लेकर सभी उपकरणों की खरीद उद्यमी को करनी पड़ती है।
इसके बाद इसका परीक्षण विद्युत निगम की ओर से किया जाता है, जिसमें मानकों की जांच होती है। इसके लिए उद्यमी को मेरठ से अनुमति प्राप्त करनी होती थी और फिर एक टीम मौके का निरीक्षण करके 15 फीसदी सुपरविजन चार्जेज वसूलती थी। मेरठ से अनुमति प्राप्त करके निरीक्षण में काफी समय लग जाता था, जिससे उद्यमी का काम प्रभावित होता था। इस संबंध में एनईए ने निगम से कई बार मांग की थी।
पश्चिमांचल विद्युत निगम के सुररिटेंडिंग इंजीनियर अरविंद राजवेदी ने बताया कि अब सुपरविजन के लिए मेरठ जाने की आवश्यकता नहीं है। नोएडा कार्यालय से ही उद्यमियों की फैक्ट्री का निरीक्षण करके अनुमति प्रदान कर दी जाएगी।
वहीं, दूसरी तरफ निर्धारित लोड से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने पर सरचार्ज लगाया जाता था, उसे हटा लिया गया है। यह व्यवस्था एक अप्रैल 2014 से लागू कर दी गई है। इस संबंध में एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन ने बताया कि विद्युत निगम के इन आदेशों को उद्यमियों को निश्चित तौर पर लाभ मिलेगा। मेरठ की दौड़ बच गई और सरचार्ज की समस्या से भी मुक्ति मिल गई है।