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सरकारी स्कूलों ने सालभर से नहीं भरा बिजली बिल

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नोएडा के सरकारी स्कूल करीब सवा करोड़ रुपये के कर्ज में डूबे हुए हैं। कर्ज का बोझ यूं ही बढ़ता रहा तो वो दिन दूर नहीं, जब इन स्कूलों के हजारों बच्चों को लालटेन की रोशनी का सहारा पड़ेगा। दरअसल जिले के 435 सरकारी स्कूलों ने पिछले साल भर से बिजली का बिल नहीं चुकाया है। ऐसे में इन स्कूलों के कनेक्शन कभी भी काटे जा सकते हैं।
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सरकारी लेटलतीफी का खामियाजा आने वाले दिनों में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भुगतना पड़ सकता है। दरअसल, राज्य सरकार बिजली बिलों के भुगतान के लिए हर साल मार्च में धन देती है, लेकिन वित्तीय वर्ष 2013-14 के बिलों का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है।

इन सरकारी स्कूलों पर पिछले वित्तीय वर्ष का करीब 93 लाख रुपया बकाया है। सूत्रों के मुताबिक पिछले वर्ष की बकाया रकम के साथ-साथ मौजूदा वर्ष के लिए करीब 30 लाख रुपये की अग्रिम राशि स्कूलों से मांगी गई है। विद्युत निगम के बकायेदारों की सूची में सबसे आगे प्राइमरी स्कूल हैं, जिन पर निगम का 73 लाख रुपया बकाया है। दूसरे नंबर पर माध्यमिक और तीसरे नंबर पर सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं।
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सबसे ज्यादा सरकारी स्कूल दादरी डिवीजन के ग्रामीण अंचल में हैं। सूत्र बताते हैं कि  पिछले दिनों कई स्कूलों के कनेक्शन काट दिए गए थे, लेकिन विधानसभा चुनाव को ध्यान में रख निगम को कनेक्शन जोड़ने पड़े। चुनाव बाद एक बार फिर स्कूलों पर कार्रवाई हो सकती है।
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किस पर कितना बकाया

स्कूल श्रेणी..........संख्या..........राशि
प्राइमरी स्कूल..........317..........73 लाख
माध्यमिक स्कूल......115..........15.4 लाख
सीनीयर सेकेंडरी........3..........4.7 लाख


स्कूलों पर पिछले साल का बिजली बिल बकाया है। बिलों का भुगतान करने के लिए स्कूलों से कहा गया है। भुगतान मिलने पर उनके कनेक्शन बहाल कर दिए जाएंगे।  -अरविंद राजवेदी, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम
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