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कॉल डिटेल से खुली दिल्ली पुलिस की पोल

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दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस के सीओ व इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों पर एक शख्स को हत्या की कोशिश के झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगा है। आरोप है कि जिस शख्स की शिकायत पर यह मुकदमा दर्ज किया गया, वह लगातार पुलिस अधिकारियों से मोबाइल पर संपर्क में था और पुलिस ने मिलकर झूठे मुकदमे की साजिश रची।
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कोर्ट ने पीड़ित शख्स की याचिका पर सुनवाई के बाद दिल्ली पुलिस के तीन और इंदिरापुरम थाने के तीन अधिकारियों की कॉल डिटेल पेश करने का निर्देश दिया है। इनमें दिल्ली पुलिस का जांच अधिकारी भी शामिल है।

कड़कड़डूमा जिला अदालत के महानगर दंडाधिकारी सुनील बेनीवाल ने मामले में जांच अधिकारी राधे श्याम को अपनी, पूर्वी जिला डीआईयू के इंस्पेक्टर एके सिंह व एसआई विजय कुमार की कॉल डिटेल पेश करने का निर्देश 25 अगस्त को दिया है।
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अदालत ने इंदिरापुरम थाने के एसएचओ राम नाथ यादव, सीओ कुमार रणविजय व एसआई सुरेंद्र कुमार की भी कॉल डिटेल रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
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ऐसे खुली दिल्ली पुलिस की पोल

अदालत का यह निर्देश पीड़ित निरंजन सिंह की याचिका पर सुनवाई के बाद आया है। याची का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों के साथ साजिश रचकर शिकायतकर्ता महेश राजपूत ने उसे झूठे मुकदमे में फंसाया है ताकि वह उसके खिलाफ चल रहे मामलों में गवाही न दे।

दोनों पक्षों के बीच कई मुकदमे चल रहे हैं। इसके अलावा महेश के खिलाफ कई मामलों में निरंजन पुलिस का गवाह भी है। इंदिरापुरम थाने में उसकी शह पर मुकदमा संख्या 1770/13 दर्ज किया गया।

याचिका पर बहस करते हुए अधिवक्ता पुनीत गोयल ने कहा कि याची को दिल्ली पुलिस ने झूठे मामले में फंसाया है। इसमें दिल्ली पुलिस व यूपी पुलिस के अधिकारी शामिल हैं। यह पूरी तरह संगठित अपराध का मामला है।

अदालत ने सुनवाई के बाद कहा कि याची के आरोप गंभीर हैं। इसके मद्देनजर जांच अधिकारी राधे श्याम को अपनी व अन्य आरोपी पुलिस अधिकारियों की मोबाइल कॉल डिटेल पेश करने का निर्देश दिया जाता है। इसके बाद ही याची पर लगे आरोप की आगे सुनवाई हो सकती है।
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