मेयर चुनाव की तारीख तय होने के बाद निगम में हलचल बढ़ गई। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगे होने के कारण पिछले कुछ समय से निगम के विभिन्न विभाग और अधिकारी सुस्त पड़े थे, अब सक्रिय दिखने लगे हैं।
दिल्ली नगर निगम के मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव 26 अप्रैल को होंगे। चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि बृहस्पतिवार 18 अप्रैल है। निगम सचिव के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। निगम के मेयर का पद तीसरे साल के लिए अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।
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एमसीडी का कार्यकाल पांच साल का होता है। हर वित्त वर्ष के पहले माह में होने वाली सदन की पहली आम सभा की बैठक में मेयर का चुनाव होता है। मेयर डॉ. शैली ओबरॉय का कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो गया था। वह लगातार दो बार एकीकृत एमसीडी की मेयर रहीं। एमसीडी का चुनाव 4 दिसंबर 2022 को होने के बाद 7 दिसंबर को नतीजे आए थे। जिसमें आम आदमी पार्टी को सबसे ज्यादा वार्डों में जीत हासिल हुई। डॉ. शैली ओबरॉय पहली बार 22 फरवरी 2023 से 31 मार्च 2023 तक मेयर रहीं। उनका कार्यकाल मात्र 39 दिन का था। वह फिर से मेयर चुनी गईं। दूसरी बार उन्होंने पूरे एक साल तक जिम्मेदारी निभाई।
एमसीडी के नियमानुसार मौजूदा कार्यवाहक मेयर होने के नाते डॉ. शैली को अगले मेयर के चुनाव कराने के लिए निगम की साधारण सभा की बैठक की तारीख तय करनी थी। बुधवार को सुबह मेयर ने तारीख तय करके निगम सचिव को भेजी। इसके बाद निगम सचिव कार्यालय की ओर से मेयर चुनाव की अधिसूचना जारी की गई। बुधवार सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक निगम की साधारण सभा की बैठक होगी।
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चुनाव की तारीख तय होने से निगम सक्रिय
मेयर चुनाव की तारीख तय होने के बाद निगम में हलचल बढ़ गई। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगे होने के कारण पिछले कुछ समय से निगम के विभिन्न विभाग और अधिकारी सुस्त पड़े थे, अब सक्रिय दिखने लगे हैं। एमसीडी का अगला मेयर कौन होगा, सिविक सेंटर में इसकी जिज्ञासा तेज हो गई है।
सारिका, विकास और प्रेम का नाम आगे
मेयर पद के प्रत्याशी की दौड़ में आप पार्षद सारिका चौधरी, विकास टांक और प्रेम चौहान का नाम सबसे आगे है। इसके अलावा धर्मवीर के नाम की भी चर्चा हो रही है। सारिका चौधरी आम आदमी पार्टी की दिल्ली महिला विंग की अध्यक्ष हैं। देखना ये होगा कि क्या आप लगातार तीसरी बाद किसी महिला को मेयर बनाने के लिए नाम आगे बढ़ाता है। विकास टांक तीसरी बार पार्षद हैं। ये दो बार कांग्रेस से पार्षद रहे, तीसरी बार इनको आम आदमी पार्टी की ओर से मौका मिला।
प्रेम चौहान दूसरी बार पार्षद हैं और पूर्ववर्ती दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में लगातार दो साल तक नेता विपक्ष की भूमिका में रहे। इनकी छवि पक्ष और विपक्ष दोनों में बराबर स्वीकार्य रही है। धर्मवीर भी लगातार दूसरी बार पार्षद चुने गए हैं। ध्यान रहे कि एमसीडी के नियमानुसार मौजूदा तीसरे वित्त वर्ष में मेयर का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।