देशभर के स्कूलों में परीक्षा और मूल्यांकन करने वाले प्रिंसिपल और शिक्षकों की लोकसभा चुनाव 2019 में ड्यूटी नहीं लगेगी। चुनाव आयोग (इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया) ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश को इस संबंध में पत्र लिखा है।
चुनाव आयोग ने लिखा है कि परीक्षा और मूल्यांकन में लगे प्रिंसिपल और शिक्षकों को चुनावी ड्यूटी से छूट दी जाती है। चुनाव आयोग ने सीबीएसई बोर्ड की चेयरपर्सन अनीता करावल की मांग पर ऐसे शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी से छूट दी है।
चुनाव आयोग की ओर से प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुमित मुखर्जी की ओर से 20 मार्च को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश को पत्र लिखा गया है। इस पत्र के मुताबिक, सीबीएसई बोर्ड की चेयरपर्सन अनीता करावल ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा था। इसी के तहत आयोग ने परीक्षा और मूल्यांकन से जुड़े शिक्षकों व प्रिंसिपल को लोकसभा चुनाव 2019 की डयूटी से बाहर रखने का फैसला लिया है।
जून के पहले हफ्ते तक पुनर्मूल्यांकन का काम होगा
सीबीएसई बोर्ड की चेयरपर्सन अनीता करावल ने 12 मार्च को चुनाव आयोग को पत्र लिखा था। बोर्ड अध्यक्ष का कहना था कि लोकसभा चुनाव 2019 में शिक्षकों व प्रिंसिपल की ड्यूटी लगाई जा रही है।
हालांकि चुनाव ड्यूटी के चलते परीक्षा, मूल्यांकन के बाद रिजल्ट तैयार करना और पुनर्मूल्यांकन करना होता है। ऐसे में उक्त कामों से जुड़े शिक्षक या प्रिंसिपल चुनाव ड्यूटी पर जाते हैं तो काम प्रभावित होगा।
सीबीएसई बोर्ड के 2018-19 सत्र के तहत 10वीं और12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में भारत समेत 28 देशों में 33 लाख छात्र बैठ रहे हैं, जबकि बोर्ड परीक्षा15 फरवरी से 4 अप्रैल तक चलेगी। इसके अलावा परीक्षा, मूल्यांकन , पुनर्मूल्यांकन आदि के तहत 1.6 करोड़ आंसर शीट जांचनी होती है।
इसमें प्रिंसिपल, पीजीटी, टीजीटी, वोकेशनल व फिजिक्ल एजुकेशन से जुड़े शिक्षक भी शामिल होते हैं। बोर्ड ने अपने पत्र के माध्यम से चुनाव आयोग को जानकारी दी थी कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय में अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में दाखिले की अंतिम तिथि से पहले सीबीएसई बोर्ड को परीक्षा, मूल्यांकन व पुनर्मूल्यांकन का काम खत्म करना होता है। इसके तहत जून 2019 के पहले हफ्ते तक बोर्ड का काम चलता रहेगा। ऐसे में शिक्षकों को चुनावी ड्यूटी से छूट दी जाए।