ग्रेटर नोएडा के बिखरख कोतवाली क्षेत्र में महिला से दुष्कर्म के मामले में सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उसके जेठ को दोषी करार दिया। स्पेशल जज बीना चौधरी ने उसे सात साल की सजा सुनाई। वहीं दहेज उत्पीड़न के मामले में पति, जेठ सास, ससुर और जेठानी को दो-दो साल की सजा दी। आदेश आने के बाद सभी दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
शासकीय अधिवक्ता मनोज तेवतिया ने बताया कि 11 मई 2006 को महिला की शादी गांव हबीबपुर के रहने वाले एक व्यक्ति से हुई थी। शादी के बाद से ही पति और ससुराल वाले दहेज में मारुति कार की मांग करने लगे।
मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। सुसराल पक्ष को समझाने के लिए कई बार गांव में पंचायत भी हुई। इसके बाद भी यह सिलसिला जारी रहा। 16 नवंबर 2008 की रात जेठ ने महिला से मारपीट की और कमरे में ले जाकर उससे दुष्कर्म किया।
महिला के पिता ने 25 नवंबर 2008 को बिसरख कोतवाली में पति, जेठ, जेठानी, सास और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। कुछ समय बाद सभी आरोपी जमानत पर छूट गए थे। 18 दिसंबर 2009 को पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। पीड़ित महिला की ओर से कोर्ट में नौ गवाह पेश हुए थे।