सेक्टर-21 सी निवासी सुनीता (62) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे वह पैदल घर का सामान खरीदने सेक्टर के बाजार में जा रही थी। घर से कुछ दूरी पर बाइक सवार दो बदमाशों ने उनका पर्स झपटने का प्रयास किया। महिला ने बचाव में पर्स कसकर पकड़ लिया। आरोपियों ने पर्स पकड़कर बाइक की स्पीड बढ़ा दी और करीब बीस मीटर तक महिला को घसीटते रहे। महिला के हाथ से पर्स छूटते ही आरोपी भाग निकले। महिला के मुताबिक पर्स में तीन मोबाइल, अलग-अलग अस्पताल के तीन ओपीडी कार्ड, कुछ दवाइयां और करीब साढ़े ग्यारह हजार रुपये थे।
महिला ने बाइक सवारों से भिड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसी जद्दोजहद में उनके पैर में फ्रैक्चर आ गया। सड़क पर घिसटने के कारण शरीर पर काफी चोट भी आई हैं। आरोपियों ने हेलमेट पहन रखा था। बाइक के पीछे नंबर प्लेट भी नहीं थी। आसपास के लोगों व महिला के जानकारों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
वीआईपी माना जाता है इलाका, इसके बावजूद सुरक्षित नहीं
सेक्टर 21 सी को शहर के वीआईपी इलाकों में से एक माना जाता है। यहां शहर के तमाम उद्योगपति व वीआईपी रहते हैं। पुलिस आयुक्त का निवास व कार्यालय भी घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर है। इस कारण यहां काफी संख्या में पुलिस की मौजूदगी रहती है। आरोपियों द्वारा की गई घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है। आरोपी पुलिस आयुक्त आवास और कार्यालय करीब तीन सौ मीटर दूरी पर भी वारदात करने में भय महसूस नहीं करते।
जिस जगह पर वारदात को अंजाम दिया गया वहां काफी अंधेरा है। निगम की तरफ से स्ट्रीट लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है। पेट्रोलिंग पार्टी मौके पर तुरंत पहुंच गई थी। केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश में थाना पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच की टीम भी लगा दी गई है। -मनोज कुमार, थाना सूरजकुंड प्रभारी