सीएम केजरीवाल के खिलाफ मीडिया में माहौल
आतिशी ने पार्टी मुख्यालय में बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ईडी की छापेमारी का मूल मकसद मीडिया में केवल माहौल बनाकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बदनाम करना था। इसके अलावा ईडी ने अब सारे दिखावे को खत्म कर साफ कर दिया है कि यह जांच और समन केवल अरविंद केजरीवाल को खत्म करने की एक साजिश है।
न तलाशी ली और न ही मामला बताया
उन्होंने कहा कि नियमत ईडी जब भी छापा मारने आती है, तो कुछ सर्च और सीजर होते हैं। सर्च और सीजर के डॉक्यूमेंट पर यह स्पष्ट लिखा होता है कि कौन सा केस है या फिर ईसीआईआर (ईडी की भाषा में एफआईआर) नंबर क्या है?
केस की डिटेल नहीं बताई
वहीं ईडी के पंचनामे में कहीं भी नहीं लिखा है कि वो किस केस की जांच करने आई हैं। इसमें न ईसीआईआर नंबर दर्ज है और न तो उसकी कोई डिटेल ही है। इसी तरह ईडी यह भी बताने को तैयार नहीं है कि वो छापा किस मामले में मारने आई थी। उन्होंने कहा कि भाजपा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केवल अरविंद केजरीवाल चुनौती दे सकते हैं और वह छापेमारी, समन और जेल जाने से नहीं डरते हैं।
आतिशी अपनी सरकार के भ्रष्टाचार की लीपापोती के बजाए काम पर ध्यान दें: भाजपा
प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी को अपने विभागों पर ध्यान देना चाहिए, मगर वह रोजाना अपनी सरकार के भ्रष्टाचार की लीपापोती पर समय लगाती रहती है। अगर वह उतना समय अपने दिल्ली जल बोर्ड एवं लोक निर्माण विभाग पर दें तो दिल्ली की जलापूर्ति एवं सीवर निकासी व्यवस्था सुधरेगी और दिल्ली की सड़कों पर विकास भी दिखेगा।
वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि केवल आतिशी ही नहीं, बल्कि उनके मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एवं अन्य पार्टी नेता कल से ईडी की रेड में सांसद एनडी गुप्ता एवं केजरीवाल के सचिव समेत 12 ठिकानों पर कुछ नहीं मिलने का दावा कर रहे है, मगर यह आम आदमी पार्टी का एक बना बनाया ढोल है जिसे बजा कर आप नेता समझते है कि वह दोषमुक्त हो गए हैं। वह सत्येन्द्र जैन, मनीष सिसोदिया एवं संजय सिंह के यहां पड़े छापों के बाद भी कहते थे कि उनके पास कुछ नहीं मिला, जबकि दो साल से सत्येन्द्र जैन को नियमित जमानत नहीं मिल रही, वहीं सिसोदिया एवं संजय सिंह भी लम्बे समय से जमानत की बांट जोह रहे हैं।