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दिल्ली: मनी लॉन्ड्रिंग : लोढ़ा व रोहित टंडन को न्यायिक हिरासत में भेजा

Mon, 02 Jan 2017 09:55 PM IST
पुरुषोत्तम वर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : ANI
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नोट बदली मामले में गिरफ्तार हवाला कारोबारी पारस मल लोढ़ा, अधिवक्ता रोहित टंडन व कोटक महिंद्रा बैंक के मैनेजर आशीष को अदालत ने सोमवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूछताछ के बाद आरोपियों को कोर्ट मेें पेश किया था। 
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ईडी का आरोप था कि लोढ़ा ने उद्योगपति जे. शेखर रेड्डी व अधिवक्ता रोहित टंडन के 25 करोड़ रुपये के पुराने नोट बदले थे। 

साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजकुमार त्रिपाठी ने ईडी के आग्रह पर लोढ़ा, टंडन व आशीष कुमार को 16 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। ईडी ने कोर्ट को बताया कि इन आरोपियों से पूछताछ हो चुकी है। इसलिए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाए। 

मामले की सुनवाई के दौरान लोढ़ा की वकील रिबैका जौन व रोहित टंडन की ओर से अधिवक्ता मोहित माथुर ने जमानत याचिका दायर की है। कोर्ट ने जमानत याचिका पर ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने टंडन की याचिका पर चार जनवरी व लोढ़ा की याचिका पर सुनवाई के लिए छह जनवरी की तारीख तय की है। 
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रोहित टंडन का ही पैसा कनॉट प्लेस स्थित कोटक बैंक में जमा हुआ था

आईटी का छापा - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कनॉट प्लेस स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में फर्जी तरीके से खुलवाए गए नौ खातों में 34 करोड़ के पुराने नोट जमा कराने के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है।

अपराध शाखा ने जालसाली, धोखाधड़ी और केंद्रीय वित्त मंत्रालय व रिजर्व बैंक के आदेशों का उल्लंघन करने के तहत एफआईआर दर्ज की है। दिल्ली पुलिस जल्द ही बैंक मैनेजर आशीष व बाराखंभा के जैन नाम के सीए से पूछताछ कर सकती है। दिल्ली पुलिस की जांच में ये खुलासा हुआ है कि कनॉट प्लेस स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में कुल 117 करोड़ के पुराने नोट जमा होने थे।

अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कनॉट प्लेस की अंबादीप बिल्डिंग में स्थित कोटक महिंद्रा स्थित बैंक में बैंक मैनेजर आशीष ने 34 करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा करवाए थे।
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बैंक मैनेजर ने सभी पुराने नोटों के डीडी बनाकर द‌िए थे

आईटी का छापा - फोटो : ani
बैंक मैनेजर ने सभी पुराने नोटों के डीडी बनाकर दिए थे। करीब 30 फीसदी के कमीशन में गिरोह बैंक में पुराने नोट जमा करवाने का रैकेट चला रहा था। बैंक मैनेजर आशीष को करीब ढाई करोड़ रुपये मिले थे।

करीब पांच से छह दिन के बीच 34 करोड़ के पुराने नोट कोटक बैंक में अलग-अलग नामों से जमा कराए गए थे। आशीष ने दिल्ली पुलिस को बयान दिया है कि नौ बैंक खातों में कुल 117 करोड़ रुपये जमा होने थे।  इससे पहले अपराध शाखा ने इस रैकेट का खुलासा कर दिया था।

दिल्ली पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि 34 करोड़ रुपये की पूरी रकम ग्रेटर कैलाश-एक निवासी रोहित टंडन की है। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कुछ दिन पहले रोहित टंडन की जीके में स्थित लॉ फर्म से 13 करोड़ 50 लाख की नकदी बरामद की थी।

इनमें सें 2.60 करोड़ के नए नोट थे। बताया जा रहा है कि रोहित टंडन के पास ज्यादातर रकम कोलकाता के लोढ़ा नाम के एक बड़े व्यवसायी की है। दिल्ली पुलिस ईडी को जांच में सहयोग कर रही है।

ईडी जल्द ही दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा गिरफ्तार राजकुमार गोयल व बैंक मैनेजर आशीष को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कराएगी। इस बात की जांच कर रही है कि रोहित टंडन के पास इतने बढ़ी मात्रा में पुराने नोट कहां से आए और किस-किस की रकम है।
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