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पूर्वी दिल्ली स्पेशल: मोटर पार्ट्स की खरीदारी के लिए मुफीद जगह गोकुलपुरी बाजार

Mon, 19 Jul 2021 01:27 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली

सार

  • टायरों के प्रसिद्ध बाजार दिल्ली दंगे में हुआ हिंसा का शिकार, फिर से जरूरत के सारे साजो सामान के उठ खड़ा हुआ है
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टायर - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
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उत्तर पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुरी टायर बाजार में हर तरह के मोटर पार्ट बड़े ही सस्ते दाम पर मिल जाते हैं। अपनी इसी खासियत के कारण दिल्ली दंगे में करीब-करीब आग की भेंट चढ़ चुका यह बाजार बहुत कम समय में दोबारा अपने पुराने स्वरूप में लौट आया है। यहां टायरों के अलावा दो व चार पहिया वाहनों के सभी स्पेयर पार्ट्स मिल जाएंगे।

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कारों, मोटर साइकिलों के टायर, हॉर्न, गाड़ियों के शीशे और डेंटिंग-पेंटिंग के सभी साजो सामान यहां उपलब्ध हैं। डीडीए द्वारा बनाए गए इस बाजार में 224 दुकानें हैं। सबसे अधिक दुकानें टायर की हैं। टायर के बड़े दुकानदार मोहम्मद सालिम ने बताया कि दो साल के भीतर उनके जैसे तमाम दुकानदारों ने तीन बड़ी मुसीबत झेली है। पहले तो दिल्ली दंगे में उनकी 70 फीसदी दुकानें जल गईं थीं। इसके बाद पिछले साल मार्च और इस साल अप्रैल में लॉकडाउन लग गया। धंधा बिल्कुल चौपट हो गया था। लेकिन उन्होंने कई गुना मेहनत बढ़ाके फिर से अपने कारोबार को फिर से खड़ा कर दिया है।

अब बाजार में साप्ताहिक बंदी नहीं होती
गोकुलपुरी बाजार पहले मंगलवार को बंद होती थी। इस दिन दुकानों में केवल माल लाने का काम होता था। टायर के दुकानदार वसीम ने बताया कि एक साल से लगातार दुकानें खोलकर अपने रोजगार को फिर से खड़ा करने और नुकसान की भरपाई करने की कोशिश कर रहे हैं।
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पूरी दिल्ली व आस-पास के शहरों में भी जाता है सामान
गाड़ियों के स्पेयर पार्ट्स के बड़े दुकानदार बाबर ने बताया कि पूर्वी दिल्ली की सर्वाधिक आबादी मोटर पार्ट्स से संबंधित सस्ता सामान लेने के लिए गोकुलपुरी बाजार आती है। यहां गाड़ियों के शीशे, बाइक के मेडगार्ड, क्लच वायर, गाड़ियों के पेंट और खासकर टायर सस्ते दाम पर मिलते हैं। गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद भी यहां से सामान जाता है।

अपने दम पर फिर से कारोबार को खड़ा किया
गाड़ियों के शीशों के दुकानदार फुरकान ने बताया कि अगर उनकी दुकान 100 फीसदी जल गई थी तो उन्हें दस फीसदी मदद मिली है। लेकिन फिर से धंधे को गति देने की कोशिश की जा रही है। उम्मीद है कि यहां आने वाले ग्राहकों को जरूरत के सामान मिल जाएंगे। उन्होंने अपनी जमा पूंजी लगाकर फिर से कारोबार को खड़ा कर दिया है।

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