वेतन की मांग को लेकर 23 दिन से हड़ताल पर चल रहे पूर्वी दिल्ली के सफाई कर्मचारियों का गुस्सा गुरुवार को सातवें आसमान पर पहुंच गया। सुबह से ही सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री आवास घेरकर धरने पर बैठे कर्मचारियों ने नारेबाजी और हंगामे के बीच सड़क जाम कर दिया। इसके चलते गुरुवार दोपहर सिविल लाइन से लेकर कश्मीरी गेट तक यातायात पूरी तरह से ठप्प रहा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें धीरे धीरे मजनूं के टीले तक दिखाई देने लगी।
वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कर्मचारियों के इस गुस्से के पीछे निगम में भाजपा की राजनीति को जिम्मेदार ठहराया। कर्मचारियों का कहना है कि जहां पूर्वी दिल्ली में चारों ओर कचरा फैला है। उनकी हड़ताल पर अब तक ठोस संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। ऐसे में दिल्ली सरकार की चुप्पी भी कई तरह के सवाल खड़े कर रही है। कर्मचारियों की मांगों को लेकर दिल्ली सरकार और पूर्वी दिल्ली नगर निगम जमकर राजनीति खेल रहा है। भाजपा, आप और कांग्रेस के बीच फंसे इन हजारों कर्मचारियों ने अब मांग पूरी होने के बाद ही हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया है।
उधर, पूर्वी दिल्ली नगर निगम के महापौर बिपिन बिहारी सिंह और आयुक्त पुनीत गोयल दिनभर सफाई कर्मचारियों की मांगों पर माथापच्ची करते रहे, लेकिन इस समस्या का कोई हल नहीं निकला। शुक्रवार को फिर से वे इस बारे में बातचीत करेंगे। वहीं, प्रदर्शन के बाद सीएम केजरीवाल ने अपने आवास पर कर्मचारियों को बातचीत के लिए बुलाया। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर भी दी। केजरीवाल ने सीधे तौर पर भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए पूर्वी दिल्ली को गंदा करने के पीछे जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने ये भी कहा कि उन्होंने भाजपा की गंदी राजनीति और दिल्ली सरकार की हकीकत के बारे में पूरी जानकारी दी है।