एम्स के मरीजों पर किया गया एक अध्ययन आपको चौका सकता है। इस अध्यय के मुताबिक टीबी के हर तीसरे मरीज को गलत दवा दी जा रही है।
ये अध्ययन एम्स की ओर से 400 से अधिक मरीजों पर किया गया था। इसके परिणाम को अमेरिका के जर्नल ऑफ क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी में प्रकाशित भी किया गया है। इस रिपोर्ट के परिणाम के मुताबिक यह एक चिंता का विषय है।
अध्ययन में बात सामने आई है कि जीन जांच कर टीबी का पता कर मरीजों को जो दवा दी जा रही है, उसके 35 फीसदी परिणाम गलत पाए गए हैं। ऐसी स्थिति में हर तीसरे मरीज को गलत दवा दी जा रही है।