दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निवास गिरनार अपार्टमेंट के बाहर मंगलवार सुबह ई-रिक्शा चालकों ने दो घंटे तक हंगामा किया। ई-रिक्शा चालकों ने दिल्ली पुलिस पर उगाही का आरोप लगाया।
पुलिस भी चालकों को अपार्टमेंट के गेट से नहीं हटा सकी। आखिर केजरीवाल ई-रिक्शा चालकों से मिलने पहुंचे और उन्हें मदद का आश्वासन दिया।
ई-रिक्शा चालक सुबह साढ़े आठ बजे गिरनार अपार्टमेंट पहुंचे। उन्होंने अरविंद केजरीवाल से मिलने की मांग की, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। इस पर चालकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
नारेबाजी करते हुए केजरीवाल से बगैर मिले वापस जाने से इंकार दिया। सुबह पौने 11 बजे केजरीवाल घर से दिल्ली सचिवालय जाने के लिए निकले। जैसे ही वह कार की ओर बढ़े तो ई-रिक्शा चालकों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
तब केजरीवाल कार छोड़कर गेट के बाहर आ गए और ई-रिक्शा चालकों से मुलाकात की। चालकों ने केजरीवाल से कहा कि दिल्ली पुलिस उनसे वसूली करती है।
2500 रुपये प्रतिमाह का रेट तय किया गया है और पैसा नहीं देने पर ई-रिक्शा बंद कर देनेे की धमकी दी जाती है। केजरीवाल ने करीब 10 मिनट तक ई-रिक्शा चालकों से मुलाकात की और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी शुरू से ही ई-रिक्शा चालकों के हितों की मांग करती रही है। अब आप की सरकार बन गई है, ऐसे में समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस वालों को कतई पैसे नहीं दें।
बुधवार को फिर आएंगे कौशांबी
ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता है, वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने बताया कि वे काफी समय से ज्ञापन देते आ रहे हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं की जाती है। वे बुधवार को फिर से कौशांबी आएंगे और मुख्यमंत्री के सामने समस्या रखेंगे।