जिले में यह कंपनी ऑनलाइन कारोबार कर रही थी और हर दिन करीब एक से दो लाख रुपये के ई-सिगरेट बेच देती थी। ई-सिगरेट खरीदने वाले अधिक्तर दुकानदार है और कुछ युवा शामिल है। गौतमबुद्धनगर के दुकानदारों की डिटेल निकाली जा रही है। जिससे उन पर कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा बाहरी जिलों या प्रदेशों में खरीदने वाले दुकानदार और युवाओं की तलाश की जा रही है। अरुण गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद पूरा प्रकरण सामने आ पाएगा। हालांकि गिरफ्तार हुए लोगों ने काफी हद तक जानकारी मुहैया करा दी है।
अधिकारियों की मानें तो ई-सिगरेट का क्रेज बढ़ाने के लिए कंपनी की ओर से भारत में भी डॉलर से कारोबार किया जा रहा था। जिससे किसी को पता न चले कि कंपनी कहां की है। हालांकि कंपनी पैमेंट रुपये में ही लेती थी मगर डॉलर के अनुसार काम कर रही थी। एक ई-सिगरेट 10 से 50 डॉलर कीमत की है। जो कई-कई माह तक चल जाती है। सिगरेट के साथ युवाओं में सिगार का भी शौक बढ़ रहा है। अधिकारियों की माने तो बुकिंग रिकार्ड देखने में सामने आया है कि युवाओं द्वारा अधिक खरीदारी की जा रही है जो घर से बाहर रहते हैं। इनमें कॉरपोरेट कंपनी में काम करने वाले और कॉलेजों में शिक्षा ग्रहण कर रहे युवा शामिल है।
कंपनी में बडे़ स्तर पर ई-सिगरेट बनाकर ऑनलाइन बेचने का काम किया जा रहा था जिसमें प्रथम दृष्टया युवा और दुकानदारों की कुछ जानकारी मिली है। कंपनी को सील कर दिया गया है और 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जल्द ही इसमें कुछ और लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। -शैलेंद्र कुमार मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट, नोएडा