घरों से निकलने वाला कचरा शहर में फिर बवाल करा सकता है। आवास विकास परिषद ने प्रताप विहार में अस्थायी डंपिंग ग्राउंड को बंद करा दिया। दो दिन से शहर से कचरा नहीं उठ रहा।
करीब 2 हजार मीट्रिक टन कचरा शहर की सड़कों पर फैला है। एक-दो दिन हालात और ऐसे ही रहे तो सड़कों पर भी कचरा डालने की जगह नहीं बचेगी।
रमजान और कांवड़ मेले के दिनों में मोहल्लों से कचरा न उठना निगम अधिकारियों के लिए भी बवाल बन सकता है। दरअसल, प्रताप विहार में आवास विकास परिषद ने नगर निगम को डंपिंग ग्राउंड के लिए अस्थाई तौर पर जमीन दी थी।
निगम कई साल से यहीं पर शहर का कचरा डाल रहा था। अब आविप ने यह जमीन किसी बिल्डर को बेच दी है। निगम कर्मचारियों का कहना है कि बिल्डर के लोग साइट पर कूड़ा नहीं डलने दे रहे हैं।
कोशिश करते हैं तो वह मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। रविवार से शहर का कूड़ा नहीं उठ पा रहा। मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में हालत बदतर हो रहे हैं।
जमीन तलाशने दौड़े अफसर
डंपिंग ग्राउंड बंद होने से बनी स्थिति को कंट्रोल करने के लिए निगम अफसर नई जमीन तलाशने को दिनभर दौड़ते रहे। अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा, तहसीलदार बीबी सिंह राठौर, जेडएसओ एनडी शर्मा और सेनेट्री इंस्पेक्टर वीके शर्मा ने मिट्ठेपुर के पास खाली जमीन को चिह्नित किया। अपर नगर आयुक्त ने बताया कि इस जमीन पर बड़े-बड़े गड्ढे खुदवाकर फिलहाल कूड़ा डंप कराया जाएगा।