जिला प्रशासन द्वारा ओवरलोड डंपरों के खिलाफ की गई कार्यवाई का असर अब मेवात की सडकों पर खूब दिखाई देना लगा है। अब तक जिला प्रषासन व पुलिस के लिए सिरदर्द बनी यह समस्या अब हल होती दिखाई दे रही है।
बता दें कि चंद रोज पहले उपायुक्त अषोक सांगवान ने कई विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस समस्या से मेवात को निजात दिलाने पर विचार किया था। जिसमें जिला प्रशासन के अलावा पुलिस विभाग, वन विभाग, खनन विभाग को षामिल किया गया था।
उपायुक्त ने अधिकारियों को साफ निर्देष दिए कि इसे रोकने के लिए सख्ती से निपटा जाए। क्योंकि अब से पहले कई बार डंपर मालिकों व चालकों के साथ बैठक कर उन्हें लाइन पर लाने की कोषिष की गई थी। लेकिन उनका कोई असर दिखाई नहीं दिया। जिसके चलते अब स ती से निपटने की योजना बनाई गई है।
मेवात के लिए नुकसानदायक: जिला उपायुक्त समेत तमाम मेवात के बुद्धिजीवियों का मानना है कि ओवरलोडिंग की समस्या मेवात के लिए कई मायनों में नुकसानदायक है। मेवात के विकास में जहां यह बडी बाधा है, वहीं सडकों की खस्ताहाल के लिए भी ये मु यतौर पर जि मेदार है।
आए दिन दुर्घटनाओं को अंजाम देने वाले ओवरलोड डंपर मेवात में खौफ का माहौल तैयार करते हैं। जिसे देखकर बाहरी लोगों में मेवात के प्रति काफी भयानक धारणा पनप जाती हैं।
सती मेवात के हित में: उपायुक्त अषोक सांगवान का कहना है कि ओवरलोडिंग को लेकर स ती करने के पीछे सिर्फ सकारात्मक सोच काम कर रही है। यह समस्या मेवात के लिए बडी समस्या है।
इसके समाप्त होने के बाद मेवात के विकास को गति मिलना तय है। लोगों को सडकों पर निकलने में आसानी होगी और सडकें भी अच्छी मिलेंगी। स ती को लेकर किसी प्रकार की गलत धारणा न पालें और इस समस्या से निजात पाने में सहयोग करें।
जो डंपर निर्धारित मापदंड के हिसाब से भरकर आएगा उसे परेषान नहीं किया जाएगा और ओवरलोड को सडक पर चलने नहीं दिया जाएगा।
कई जगह लगाए नाके: पुलिस प्रषासन ने ओवरलोड डंपरों पर काबू पाने के लिए कई जगह नाके लगाए हैं। पहाड से निकलते ही फिरोजपुर झिरका में ही इन्हें रोक लिया जाता है।
आकेडा चौकी और नूंह में पलवल रोड पर नाके लगाकर इन्हें रोका जा रहा है। डीएसपी मु यालय आषीष चौधरी का कहना है कि ओवरलोडिंग को कतई बर्दाष्त नहीं किया जाएगा। पुलिस प्रषासन इसे रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।