महिलाओं के लिए होंगे दो तरह के पिंक कार्ड
इन सभी कार्डों के उपयोग और लाभ अलग-अलग होंगे। महिलाओं के लिए दो तरह के पिंक कार्ड होंगे। पहला पिंक कार्ड शून्य केवाईसी आधारित होगा, जिसे मोबाइल नंबर और आधार पर जारी किया जाएगा। इस कार्ड के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और इसके जरिए महिलाएं डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। दूसरा पिंक कार्ड 100 प्रतिशत केवाईसी आधारित होगा, जिस पर कार्डधारक महिला की फोटो और अन्य विवरण होंगे।
मिलेगी एटीएम कार्ड जैसी सुविधा
यह कार्ड नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड के रूप में काम करेगा, जिससे बसों के अलावा मेट्रो, नमो भारत और एटीएम जैसी सुविधाओं का भी उपयोग किया जा सकेगा। इसके लिए मामूली शुल्क देना होगा। पुरुष यात्रियों के लिए जारी होने वाला ब्लू कार्ड भी 100 प्रतिशत केवाईसी आधारित होगा। यह भी नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड होगा, जिसे बस यात्रा के साथ-साथ एटीएम से नकदी निकालने और शॉपिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस कार्ड के लिए भी उपभोक्ताओं को मामूली शुल्क देना होगा। वहीं ऑरेंज कार्ड विशेष श्रेणी के लोगों जैसे दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, मान्यता प्राप्त पत्रकार और अन्य रियायती वर्ग के लिए होगा। ये कार्ड डीटीसी के चिन्हित कार्यालयों और तय डिपो पर ही बनाए जाएंगे।
टिकट खरीदने की झंझट होगी खत्म
डीटीसी अधिकारियों का कहना है कि इन डिजिटल कार्डों के लागू होने से बसों में टिकट खरीदने की झंझट खत्म हो जाएगी। यात्रियों को बस में चढ़ते और उतरते समय कार्ड टैप करना होगा, जिससे सफर का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। खासतौर पर महिलाओं के पिंक कार्ड के जरिए यह भी पता चल सकेगा कि उन्होंने कितनी बार और कहां से कहां तक यात्रा की। अधिकारियों ने बताया कि ब्लू और ऑरेंज कार्ड बैंक खाते से लिंक होंगे, इसलिए कार्डधारक एटीएम से पैसे निकालने और दुकानों पर भुगतान भी कर सकेंगे। इससे एक ही कार्ड से यात्रा और रोजमर्रा के लेन-देन दोनों संभव हो पाएंगे।
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