- इससे पहले उत्तर-पश्चिम जिलाधिकारी ने स्वयं डीटीसी की ओर से जल निकाय की भूमि पर अतिक्रमण कर बस टर्मिनल बनाने की पुष्टि की थी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। जल निकाय की 30.5 बिस्वा भूमि पर अतिक्रमण कर बस टर्मिनल का निर्माण करने के आरोपों को दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने बेबुनियाद बताया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में हलफनामा दाखिल कर डीटीसी ने कहा कि संबंधित जल निकाय या तो दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) या फिर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के स्वामित्व में है। हालांकि, नजफगढ़ बस टर्मिनल किसी भी अधिसूचित जल निकाय पर नहीं है। डीटीसी ने हलफनामा में कहा कि नजफगढ़ बस टर्मिनल के सबसे नजदीकी जल निकाय टर्मिनल के पीछे है और एमसीडी के स्वामित्व में है। कहा कि इसकी पुष्टि डीडीए की तरफ से दायर हलफनामे से भी होती है। इसमें कहा गया है कि डीटीसी टर्मिनल के पास जल निकाय डीडीए ने 2016 में एमसीडी को सौंप दिया था। इसके रखरखाव, देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी एमसीडी की है। ऐसे में यह बिल्कुल स्पष्ट है कि डीटीसी व एमसीडी ने किसी भी जल निकाय पर अतिक्रमण नहीं किया है।
इससे पहले उत्तर-पश्चिम जिलाधिकारी ने स्वयं डीटीसी की ओर से जल निकाय की भूमि पर अतिक्रमण कर बस टर्मिनल बनाने की पुष्टि की थी। उन्होंने एनजीटी के समक्ष दाखिल हलफनामा में कहा था कि नजफगढ़ गांव में तालाब के रूप में दर्ज 30.5 बिस्वा जमीन पर डीटीसी ने एक बस टर्मिनल व बहुमंजिला व्यावसायिक इमारत का निर्माण कर लिया। पिछली सुनवाई पर एनजीटी ने डीटीसी को मामले पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।