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Delhi : डीटीसी बसों ने नई दिल्ली- मध्य जिले में लीं सबसे ज्यादा जान, घातक साबित हुईं क्लस्टर बेड़े की गाड़ियां

Wed, 29 Nov 2023 06:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली

सार

डीटीसी बसों ने 15 नवंबर, 2022 तक नई दिल्ली, मध्य और दक्षिण-पूर्व जिले में सबसे ज्यादा लोगों को रौंदा है। इन जिलों में डीटीसी बसों ने सबसे ज्यादा 30 लोगों की जान ली है। 2023 (15 नवंबर तक) में डीटीसी बसों ने कुल 17 घातक दुर्घटनाएं की हैं। 
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demo pic... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डीटीसी बसें, क्लस्टर बसें या फिर भारी वाहनों की घातक सड़क दुर्घटनाओं को देखें तो सब ने दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर लोगों की जान ली है। डीटीसी बसों ने 15 नवंबर, 2022 तक नई दिल्ली, मध्य और दक्षिण-पूर्व जिले में सबसे ज्यादा लोगों को रौंदा है। इन जिलों में डीटीसी बसों ने सबसे ज्यादा 30 लोगों की जान ली है। 2023 (15 नवंबर तक) में डीटीसी बसों ने कुल 17 घातक दुर्घटनाएं की हैं। 

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2022 (15 नवंबर तक) में क्लस्टर बसों से मध्य, द्वारका और-बाहरी उत्तरी जिलों में सबसे अधिक घातक दुर्घटनाएं हुई हैं। 2023 (15 नवंबर तक) में, घातक दुर्घटनाओं की कुल संख्या 22 पर स्थिर रही है। 2022 (15 नवंबर तक ) में एचटीवी (भारी वाहन) से जुड़ीं घातक सड़क दुर्घटनाएं बाहरी उत्तर और दक्षिण पूर्व जिलों में हुईं। इनमें कुल 152 लोगों की जान गई। 2023 (15 नवंबर तक ) में कुल मौतों में मामूली वृद्धि हुई और यह 164 हो गई, जिसमें उत्तर पश्चिम और बाहरी जिलों में सबसे अधिक घटनाएं दर्ज की गईं।

दुर्घटनाओं का तुलनात्मक विश्लेषण
वर्ष 2022 और 2023 के लिए 15 नवंबर तक दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों, क्लस्टर बसों और भारी परिवहन वाहनों (एचटीवी) से जुड़ीं सड़क दुर्घटनाओं के तुलनात्मक विश्लेषण से पता लगा है कि 2022 में डीटीसी बसों ने कुल 108 दुर्घटनाएं कीं। इनमें 30 लोगाें की जान गई और 97 व्यक्ति घायल हुए। वहीं 2023 में आंकड़े घटकर 72 कुल दुर्घटनाओं में 17 मौतें और 73 व्यक्ति घायल हुए। दूसरी ओर क्लस्टर बसों ने वर्ष 2022 में 99 से वर्ष 2023 में 83 तक कुल दुर्घटनाओं में गिरावट देखी गई। साथ ही इनमें मौतों की संख्या 25 से घटकर 24 रह गई और घायल व्यक्तियों की संख्या 85 से घटकर 84 हो गई। 

  • एचटीवी के आंकड़ों से पता चलता है कि दुर्घटनाओं में वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 में 365 की तुलना में वर्ष 2023 में 430 कुल दुर्घटनाएं हुईं। मृतकों की संख्या भी 159 से बढ़कर 175 हो गई, जबकि घायल लोगों की संख्या 288 से बढ़कर 383 हो गई।

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डीटीसी के मुकाबले क्लस्टर बसों से हुईं ज्यादा मौतें
दिल्ली में लोगों की जान लेने में क्लस्टर बसें डीटीसी बसों के मुकाबले आगे रही हैं। हालांकि दिल्ली में भारी वाहनों ने सबसे ज्यादा लाने लीं। वर्ष 2019 से 2023 तक दिल्ली यातायात पुलिस के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो क्लस्टर बसों ने 2019 में 23 घातक दुर्घटनाएं कीं। इनमें 25 मौतें और 70 व्यक्ति घायल हुए, जबकि डीटीसी बसें और एचटीवी 20 घातक दुर्घटनाओं (20 मौतें और 92 घायल) और 174 घातक दुर्घटनाओं (184 मौतें और 318 घायल) में सम्मिलित थीं। अगले वर्ष 2020 में गिरावट देखी गई, जिसमें क्लस्टर बसें 20 घातक दुर्घटनाओं (22 मौतें और 76 घायल), डीटीसी बसें 19 घातक दुर्घटनाओं (19 मौतें और 64 घायल) में शामिल थीं। 

  • एचटीवी 111 घातक दुर्घटनाओं (115 मौतें और 218 घायल) में सम्मिलित थीं। 2021 में क्लस्टर बसें 29 घातक दुर्घटनाओं में शामिल थीं, जिससे 32 मौतें और 93 घायल हुए, जबकि डीटीसी बसों और एचटीवी से क्रमशः 17 घातक दुर्घटनाएं (18 मौतें और 75 घायल) और 145 घातक दुर्घटनाएं (161 मौतें और 283 घायल) दर्ज की गईं। 2022 में क्लस्टर बसें 21 घातक दुर्घटनाओं (22 मौतें और 95 घायल), डीटीसी बसें 37 घातक दुर्घटनाओं (39 मौतें और 110 घायल) में शामिल थीं। वहीं एचटीवी 180 घातक दुर्घटनाओं (187 मौतें और 332 चोटें) में सम्मिलित थे | वर्ष 2023 में क्लस्टर बसें 22 घातक दुर्घटनाओं में शामिल थीं, जिसके परिणामस्वरूप 24 मौतें और 84 व्यक्ति घायल हुए, जबकि डीटीसी बसों से 17 घातक दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें 19 लोगों की जान चली गई और 73 व्यक्ति घायल हो गए।


सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (यातायात) सुरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इनसे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने लगी है-

  • वाहनों के ड्राइवरों का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण किया जाता है। 
  • बस चालकों को भी यातायात नियमों का पालन करने और गति सीमा के भीतर ड्राइव करने के लिए कहा जाना चाहिए।
  • दिल्ली यातायात पुलिस जिम्मेदार ड्राइविंग की संस्कृति को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है।
  • परिवहन क्षेत्र के प्रमुख चालकों के बीच जागरूकता बढ़ा रही है।
  • ड्राइवरों को आवश्यक ज्ञान और कौशल से लैस किया जा रहा है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को काफी कम किया जा सके। 
  • चालू वर्ष में कुल संख्या डीटीसी के 24495 चालकों, सैंकड़ों क्लस्टर बस चालकों और 309 भारी परिवहन वाहन (एचटीवी) चालकों को जागरूक किया गया है।
  • विभिन्न परिवहन क्षेत्रों में ड्राइवरों को शिक्षित करने और संलग्न करने के ठोस प्रयास सभी के लिए सुरक्षित सड़क वातावरण बनाने के लिए एक सामूहिक प्रतिबद्धता सुनिश्चित की जा रही है।

 

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