तमाम कोशिशों के बावजूद किराये पर ली गई बसों में यात्रियों की संख्या काफी कम रह रही है। सम विषम लागू होने के बाद रविवार को राहत मिलने के बाद पहले दिन डीटीसी बसें खचाखच भरी रहीं जबकि किराये की बसों में यात्रियों की संख्या कम रही।
यात्रियों को किराये की इन बसों में जरूरी सुविधाएं न मिलने की वजह से अभी भी डीटीसी और क्लस्टर बसों में यात्रा करना यात्रियों की पहली पसंद है। महिलाओं के लिए बसों में यात्रा मुफ्त किए जाने से पिंक पास पर यात्रा करने वाली महिला यात्रियों की संख्या में 6-8 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।
रविवार को यात्रा के दौरान कई बसों में भीड़ अधिक होने के बावजूद महिलाओं ने सीट नहीं मिलने पर भी डीटीसी बसों में यात्रा की। बसों में लगने वाले किराये के कारण होने वाली बचत की वजह से बसों में महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। डीटीसी बसों में महिला यात्रियों की संख्या 40 फीसदी के आसपास रही है जबकि मुफ्त यात्रा से पहले यह संख्या 30-32 फीसदी के करीब होती थी।
सम विषम: बसों में सफर करने वालों की बढ़ रही है संख्या
सम विषम के लिए जागरूकता के लिए संदेश भी दिए जा रहे हैं। इंडिया गेट, सरदार पटेल मार्ग सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर तख्तियों पर संदेश लिखकर सम विषम के दौरान सहयोग की अपील की गई। बसों की संख्या में बढ़ोतरी से यात्री भी सार्वजनिक परिवहन को धीरे-धीरे अपनाने लगे हैं।