डयूटी के दौरान शराब पीने वाले एंबुलेंस ड्राइवर पर शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य विभाग की गाज गिर गई है। उसे मुख्यालय के निर्द्रेश पर ड्यूटी से बर्खास्त कर दिया गया, साथ ही उसका कांट्रेक्ट भी रद्द कर दिया गया।
विभाग से मिली जानकारी अनुसार 15 जनवरी को बीके अस्पताल से पवन हंस नाम का ड्राइवर एक मरीज को लेकर दोपहर करीब 1 बजे धौज गया था। लेकिन इसके बाद शाम करीब 7 बजे तक ड्राइवर का कुछ अता पता नहीं चला। जबकि रूट पर गई एंबुलेंस अगर कहीं फंस जाएं या अस्पताल आने में देरी हो तो उसकी जानकारी संबंधित अधिकारी को तत्काल दी जाती है। लेकिन ड्राइवर की ओर से ऐसा नहीं किया गया। जिस पर पहली कार्रवाई चार अप्रैल को स्थानीय स्तर पर कर दी गई थी।
लेकिन ड्राइवर लगातार ड्यूटी पर आने के लिए फ्लीट मैनेजर के ऊपर दबाव बना रहा था। लेकिन मामला सुलझता न देख उसने फ्लीट मैनेजर को धमकी देनी शुरू कर दी। जिसके बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया और उसने पूरी जानकारी से मुख्यालय को अवगत कराया।
मुख्यालय की ओर से दो महीने की जांच के बाद शुक्रवार को अंतिम रिपोर्ट जिला मुख्यालय के पास भेज दी गई। जिसमें आरोपी के खिलाफ की गई सभी शिकायतों को सही पाया गया। ऐसे में तत्काल ड्राइवर को हटाने और उसका कांट्रेक्ट रद्द करने के निर्देश जारी कर दिए गए।
फ्लीट मैनेजर हरकेश डागर ने बताया कि मामले की शिकायत मिलने के बाद जब जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि ड्राइवर ने डयूटी पर रहते हुए शराब पी थी। जिसके बाद मामले की सूचना मुख्यालय को दी गई थी। इसी आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।