दिल्ली में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना और वाहन का रजिस्ट्रेशन कराना अब पहले से आसान होगा। दिल्ली परिवहन विभाग अपने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (एमएलओ) में सिंगल विंडो सिस्टम शुरू करने की कवायद में जुट गया है।
फिलहाल प्रयोग के तौर इंद्रप्रस्थ स्थित एमएलओ ऑफिस में सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। विभाग के मुताबिक इसका मकसद लाइसेंस बनावाने की प्रक्रिया आसान कर उसमें लगने वाले वक्त को कम करना है।
मालूम हो कि एमएलओ में डीएल बनाने की मौजूदा व्यवस्था में आवेदक को डीएल बनवाने के लिए कई काउंटरों पर जाना पड़ता है। एमएलओ में फॉर्म अलग काउंटर से मिलता है।
जिसे भरने के बाद फीस अलग काउंटर पर जमा होती है और फिर वेरिफिकेशन कराने के लिए भी दूसरे काउंटर पर जाना पड़ता है। अब विभाग इन तीनों प्रक्रियाओं एक ही जगह लाने की कवायद में जुट गया है। हालांकि अभी आईपी एक्सटेंशन में यह प्रयोग के तौर पर शुरू हुआ है।
वहां फिलहाल फॉर्म वेरिफिकेशन और जमा करने के लिए एक काउंटर बनाया गया है। परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि विभाग का मकसद आवेदकों को डीएल हासिल करने में लगने वाले वक्त को कम करना है। इसलिए विभाग काउंटर की संख्या कम कर सेवाओं को एक ही जगह उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रयोग के तौर पर फॉर्म लेने, वेरिफिकेशन व जमा करने का एक काउंटर बनाया है। फिलहाल फीस जमा करने का अलग काउंटर है। मगर कोशिश है कि उसे एक ही जगह कैसे मिलाया जा सकता है।
परिवहन विभाग इसके अलावा एमएलओ ऑफिस में टेलर्स भी लगा रहा है। जिससे कतार में लगे लोगों को एक अपने नंबर का पता लग जाए।
इसके अलावा चार पन्ने के ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन फॉर्म को कम करके उसे छोटा करने की भी कोशिश विभाग की ओर से जारी है।