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ड्राइवर की बेटी ने रचा इतिहास जानिए कामयाबी की कहानी

Thu, 07 May 2015 08:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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डीएलएफ जैसे पॉश इलाके के एक नामचीन स्कूल के बस ड्राइवर की बेटी कविता ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में जिले में अव्वल रही।
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फाजिलपुर स्थित सीडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा कविता ने दसवीं की परीक्षा में 96.8 फीसदी अंक हासिल किए। पढ़ने में होनहार कविता आगे इंजीनियर बनना चाहती हैं, लेकिन उसकी राह में पिता की आर्थिक तंगी आड़े आ रही है।

दसवीं तक निजी स्कूल में पढ़ने वाली कविता को अब उनके पिता निजी स्कूल में पढ़ाने में सक्षम नहीं हैं। मगर, बेटी पढ़ना चाहती है, जिदकर वजीराबाद के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में 11वीं कक्षा में दाखिला ले लिया है।
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आईआईटी है कविता का अगला लक्ष्य

जिस तरह से उसने दसवीं में मेहनत कर सफलता हासिल की थी। अब उसी तरह सरकारी स्कूल में रहकर वह पढ़ाई करेगी। आईआईटी में दाखिला लेना कविता का सपना है।

कविता के पिता सुरेश कुमार बताते हैं कि आमदनी कम और खर्चा ज्यादा है। इसलिए अब सरकारी स्कूल में दाखिला दिला दिया। अपने स्तर पर जो होगा वही करूंगा।

कविता के मुताबिक स्कूल से आने के बाद विषय के कंसेप्ट पर हमेशा से ध्यान दीं। हमेशा क्लास में मौजूद रहीं। कक्षा में शिक्षकों ने भी खूब मदद की। जब दिक्कत हुई तब पढ़ाया।

कभी ट्यूशन की जरूरत नहीं पड़ी। कविता की गृहणि मां शारदा अपनी बेटी की उपलब्धि से खुश हैं और उसे अपनी बेटी को इंजीनियर बनाना चाहती हैं।  कविता कहती है कि स्कूल उसके लिए मायने नहीं रखता है।
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