दिल्ली सरकार ने खुले(सार्वजनिक स्थल) में शराब पीने वालों पर सख्ती शुरू कर दी है। सोमवार को आबकारी विभाग की 10 टीमों ने राजधानी में 36 लोगों को खुली जगह पर शराब पीते गिरफ्तार करके पुलिस के हवाले किया है।
दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 40 के तहत गिरफ्तार लोगों पर अधिकतम 5000 रुपये का जुर्माना किया जा सकता है। हंगामा करने पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना या 3 महीने तक की सजा हो सकती है।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया अभियान के विषय पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नहीं सुधरेंगे तो जुर्माना होगा, रात थाने में गुजारनी पड़ेगी और मुकदमा चलेगा तो न्यायालय केचक्कर भी काटने पड़ेंगे।
सिसोदिया ने चेतावनी भरे लहजे में कहा हमारा मकसद लोगों को जेल भेजना नहीं बल्कि खुले में खड़े होकर पीने के आदत खत्म करना है। इससे महिलाओं में असुरक्षा की भावना रहती है।
सिसोदिया ने बताया विकासपुरी पीवीआर काम्प्लेक्स, मंगोलपुरी इंडस्ट्रीय एरिया फेज-एक में शराब दुकान केपास, जनकपुरी डिस्ट्रिक सेंटर, वसंत स्क्वॉयर मॉल, नेहरु प्लेस, डीपी मार्र्केट पीतमपुरा, शास्त्री पार्क में शराब दुकान के पास, देशबंधु गुप्ता रोड, ऑटो मार्केट जमरुदपुर, जनकपुरी स्थित कौशल सिनेमा, रजोकरी में फ्लाईओवर के पास तो कस्तूरबा नगर अंडरपास और सब्जी मंडी मोर्चरी के पास से भी खुले में शराब पीने वाले गिरफ्तार किए गए हैं।
सिसोदिया ने बताया कि जिन 36 को पकड़ा गया है, उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई उन्हें करनी है। इनके खिलाफ कोर्ट में केस चलेगा। मौके पर इनका चालान किया जा सके इसके लिए उच्च न्यायालय को पत्र लिखकर मोबाइल मजिस्ट्रेट की मांग की है।
स्मैग पीने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पूछे गए सवाल पर सिसोदिया ने कहा है कि इनके खिलाफ कार्रवाई का अधिकार दिल्ली पुलिस और नारकोटिक्स को है। सिसोदिया ने बताया कि अभी टीमें कार्रवाई जारी रखेंगी। जहां-जहां से सूचनाएं मिल रही हैं, टीमें छापेमारी करके कार्रवाई कर रही हैं। इसके साथ ही जागरुकता अभियान भी चलाया गया है।