फोटो: डाॅ नदीम अहमद खान।
-एमडी प्रवेश परीक्षा में भी हासिल की ऑल इंडिया रैंक 401
-कभी शिक्षा में पिछड़े माने जाने वाले मेवात के युवा अब मेहनत और प्रतिभा के दम पर लिख रहे सफलता की नई इबारत, बेटियां भी बढ़-चढ़कर बना रही हैं पहचान
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। मेवात की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। जिस क्षेत्र को कभी शिक्षा के मामले में पिछड़ा माना जाता था, वहां आज युवा मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना रहे हैं। नूंह के होनहार डॉ. नदीम अहमद खान की सफलता इसी बदलते मेवात की नई तस्वीर पेश करती है। उनका चयन हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज (एचसीएमएस) में मेडिकल ऑफिसर (ग्रेड-ए) के पद पर हुआ है।
डॉ. नदीम के पिता खलील अहमद एडवोकेट ने बताया कि हाल ही में घोषित एचसीएमएस के परिणाम में उनके बेटे का चयन हुआ है। इससे पहले डॉ. नदीम ने अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित एमडी प्रवेश परीक्षा में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक 401 हासिल की थी। वर्तमान में उनकी काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही है।
मेवात के युवाओं के लिए प्रेरणा बने डॉ. नदीम:
डॉ. नदीम की सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे मेवात के युवाओं के लिए प्रेरणा है। सीमित संसाधनों और अनेक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादे, अनुशासित तैयारी और कठिन परिश्रम से मंजिल को हासिल किया जा सकता है।
बदल रही है शिक्षा की तस्वीर
पिछले कुछ वर्षों में मेवात में शिक्षा के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ी है। अब यहां के युवा ही नहीं, बल्कि युवतियां भी मेडिकल, इंजीनियरिंग, प्रशासनिक सेवाओं, न्यायिक सेवाओं, सेना और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सफलता हासिल कर रही हैं। अभिभावकों की सोच में भी बड़ा बदलाव आया है और वे बेटों के साथ बेटियों की शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में मिल रही ये सफलताएं इस बात का संकेत हैं कि आने वाले वर्षों में मेवात केवल अपनी सामाजिक पहचान के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा, प्रतिभा और उपलब्धियों के लिए भी जाना जाएगा।
डॉ. नदीम अहमद खान की उपलब्धि हजारों विद्यार्थियों को यह संदेश देती है कि सपने बड़े हों, मेहनत ईमानदार हो और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती।