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Delhi NCR News: कस्तूरबा विद्यालयों में दूर होगी शिक्षकों की कमी, मेवात की बेटियों की शिक्षा को मिलेगा नया संबल

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फोटो -कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नूंह।
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जिले के पांचों कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में 22 शिक्षकों की होगी नियुक्ति, विभिन्न विषयों के लिए मांगे गए आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। मेवात की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण और बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। जिले के पांचों कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में लंबे समय से विभिन्न विषयों के शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए 22 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग ने योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय विशेष रूप से उन बेटियों के लिए संचालित किए जाते हैं, जो सामाजिक, आर्थिक या भौगोलिक कारणों से शिक्षा से वंचित रह जाती हैं। इन आवासीय विद्यालयों में छात्राओं को न केवल निशुल्क शिक्षा दी जाती है, बल्कि रहने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। ऐसे में शिक्षकों की नियुक्ति से यहां पढ़ने वाली सैकड़ों छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा।
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बता दें जिले के फिरोजपुर झिरका, नगीना, नूंह, पुनहाना और तावड़ू स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। नियुक्तियां 19 पीजीटी और 3 टीजीटी पदों पर की जाएंगी। इनमें हिंदी, अंग्रेजी, गणित, इतिहास, राजनीति विज्ञान, शारीरिक शिक्षा, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत और उर्दू जैसे विषय शामिल हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की आयु 16 जुलाई तक 61 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रारंभिक तौर पर एक वर्ष के अनुबंध पर होगी, जिसे आवश्यकता और संतोषजनक कार्य के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा।

बेटियों की पढ़ाई को मिलेगा मजबूत आधार :

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय से कई विषयों में शिक्षकों की कमी के कारण छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। अब विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति होने से छात्राओं को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण मिलेगा। इससे बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम बेहतर होने के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद मिलेगी।
मेवात की शिक्षा व्यवस्था के लिए सकारात्मक पहल
शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े माने जाने वाले मेवात में बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना हमेशा बड़ी चुनौती रहा है। ऐसे में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में स्टाफ की कमी दूर करने की यह पहल न केवल छात्राओं के भविष्य को नई दिशा देगी, बल्कि जिले में बालिका शिक्षा को भी मजबूती प्रदान करेगी। उम्मीद है कि योग्य शिक्षकों की नियुक्ति के बाद इन विद्यालयों में शिक्षा का स्तर और बेहतर होगा तथा अधिक से अधिक बेटियां उच्च शिक्षा और अपने सपनों की ओर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकेंगी।
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पिछले लंबे समय से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में स्टाफ की कमी थी। जिसके कारण बेटियों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी, लेकिन अब इन पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे हैं। जल्दी प्रक्रिया को पूरा कर अध्यापकों की व्यवस्था की जाएगी।
-योगेश चन्द्र, जिला परियोजना संयोजक सामग्र शिक्षा।
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