परिवहन विभाग ने डीपीएसजी के स्कूल वाहनों के परमिट रद्द करने की तैयारी कर ली है। परमिट शर्तों का उल्लंघन कर अभिभावकों से ट्रांसपोर्ट चार्ज वसूलने की पुष्टि होने के बाद यह कदम उठाया है।
स्कूल प्रबंधन को अंतिम नोटिस जारी कर छह दिन में जवाब देने को कहा गया है। मार्च से दिए गए दो नोटिसों का भी स्कूल प्रबंधन ने जवाब नहीं दिया था। इसकी सूचना कमिश्नर को भेज दी गई है।
परमिट शर्त के अनुसार स्कूल प्रबंधन ट्रांसपोर्ट चार्ज नहीं वसूल सकते हैं। स्कूली बच्चों को उनको सौ फीसदी फ्री में लाना-ले जाना होता है। यहां तक कि वह मेेंटीनेंस व ऑयल चार्ज आदि भी नहीं ले सकते हैं। ट्रांसपोर्ट के नाम पर किसी भी प्रकार का चार्ज लेना परमिट शर्तों का खुला उल्लंघन है।
पिछले सप्ताह अचानक इस नियम की जानकारी पैरेंट्स को हुई। हालांकि स्कूल प्रबंधन को आरटीओ ने ट्रांसपोर्ट चार्ज लेने पर नोटिस मार्च में ही जारी कर दिए थे, लेकिन इसका उत्तर 58 में से किसी स्कूल ने नहीं दिया। शुक्रवार को पैरेंट्स ने सौरभ सिंघल के नेतृत्व में शपथपत्र देकर आरटीओ से ट्रांसपोर्ट फीस वसूलने की शिकायत की।
इसके साक्ष्य भी आवेदन के साथ लगाए। इसके बाद आरटीओ ने डीपीएसजी को अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। छह कार्यदिवस के बाद डीपीएसजी के सभी स्कूल वाहनों के परमिट रद्द कर दिए जाएंगे।
हम पैरेंट्स से ट्रांसपोर्ट शुल्क लेते हैं। यदि यह ट्रांसपोर्ट एक्ट का उल्लंघन है और परमिट रद्द किए जाते हैं तो हम बसों को खड़ी कर देंगे। हालांकि अभी तक कोई नोटिस हमें मिला नहीं है। रिटायर्ड कर्नल रतनवीर सिंह, डायरेक्टर डीपीएजी