दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने वैध पंजीकरण के बिना संचालित 551 प्लास्टिक निर्माण और 1,278 पुनर्चक्रण इकाईयों को बंद करने का नोटिस जारी किया है। यह सभी इकाईयां प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम 2016 के तहत पंजीकरण कराए बिना संचालित हो रही थी।
डीपीसीसी ने इकाईयों को प्लास्टिक कचरा नियम के तहत पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए वेबसाइट पर पहुंच ऑनलाइन आवेदन करने का निर्देश दिया है। इकाईयों को नोटिस मिलने के सात दिन के भीतर विस्तारित निर्माता उत्तरदायित्व (ईपीआर) कार्य योजना, एमएसएमई प्रमाण पत्र और अन्य संबंधित दस्तावेजों के साथ मंजूरी मिलने के बाद आवेदन करना होगा।
डीपीसीसी ने कहा है कि एक सप्ताह के भीतर निर्देशों का पालन करने में विफल रहने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत इकाई को बंद करने, बिजली और पानी की आपूर्ति को बंद करने और पर्यावरणीय मुआवजा लगाया जाएगा।
ईपीआर के रूप में, खाद्य पैकेजिंग कंपनियों जैसे उत्पादकों, आयातकों और ब्रांड मालिकों को अपशिष्ट प्रबंधन एजेंसियों की मदद से उनके द्वारा उपयोग किए जाने वाले प्लास्टिक को इकट्ठा करना होता है।
वहीं, कचरा प्रबंधन नियम के तहत आयातक, निर्माता, एजेंसियों, अधिकृत व्यक्तियों के समूहों की ओर से किसी भी रूप में प्लास्टिक कचरे का उत्पादन, संग्रह, भंडारण, परिवहन, पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण और निपटान करने वाले सभी लोगों को पंजीकरण प्राप्त करना आवश्यक है। इसके साथ ही जल अधिनियम 1974 और वायु अधिनियम 1981 के तहत मंजूरी मिलने के बाद संचलान की अनुमति है।