पैदल चलने वालों के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए कनॉट प्लेस को वाहन मुक्त बनाने की नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) की योजना लागू होगी या नहीं, इस पर संशय बरकरार है। पिछले रविवार को ट्रायल के दौरान यहां पार्क किए गए वाहनों की संख्या सामान्य से कम रही।
एनडीएमसी का दावा है कि लोग यहां अधिक देर तक रुके, इसलिए पार्किंग से अधिक आय हुई। नई यातायात योजना पर कारोबारियों को ऐतराज है। वे इसे लागू होने देने के मूड में नहीं हैं। उधर, एनडीएमसी ने अगले रविवार को फिर ट्रायल की तैयारी की है।
कनॉट प्लेस के ईनर सर्किल में वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए पाबंदियां लगाई गई हैं। वाहनों की निकासी के लिए तीन रास्ते तय हैं। ट्रायल के दौरान वाहनों की तादाद कम होने के बावजूद आउटर सर्किल के इर्द-गिर्द दोपहर से शाम तक जाम की स्थिति रही।
कैब और ऑॅटो से पहुंचने वालों को भी काफी दूर तक पैदल चना पड़ा। ट्रायल के दौरान पता चला कि कनॉट प्लेस में वाहनों की पार्किंग करने वाले अधिकतर लोग शॉपिंग के लिए आए, जबकि अन्य दिन में आसपास के दफ्तरों में काम करने वाले भी अपने वाहन यहीं पार्क कर देते हैं।
उधर, कारोबारियों का कहना है कि ट्रायल के दौरान के दौरान उन्हें 40 फीसदी तक नुकसान हुआ। लोगों ने दूसरे बाजारों का रुख कर लिया। नया प्लान लागू किया जाए तो नुकसान बढ़ जाएगा। जाम के कारण कनॉट प्लेस क्षेत्र में वाहन अधिक देर रहेंगे, जिससे प्रदूषण भी ज्यादा होगा।
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के दो पदाधिकारियों का कहना है कि पुरानी योजना के मुताबिक जनपथ से वाहनों के प्रवेश और बाबा खड़क सिंह मार्ग से निकासी का प्रावधान किया जाए तो हालात कुछ बेहतर होंगे।
मेट्रो-ई व्हीकल को किया जाएगा प्रोत्साहित
कनॉट प्लेस में शॉपिंग के लिए अधिकतर युवा मेट्रो से पहुंचते हैं। यह क्षेत्र पूरी तरह वाणिज्यिक है। इसलिए एनडीएमसी का प्रयास है कि इस क्षेत्र में मेट्रो या ई-व्हीकल के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जाए।