खेड़कीदौला प्लाजा पर टोल दर बढ़ाने से गुड़गांव-तावडू के बीच दूरी बढ़ गई है। यहां के निवासियों के लिए सोहना-फरीदाबाद पहुंचना भी दूभर हो गया है।
दरअसल, सरहौल टोल बंद करने के बाद खेड़कीदौला प्लाजा पर बढ़ी टोल दरों के बाद तावडू से गुड़गांव, फरीदाबाद जाने वाले लोगों के पास स्पष्ट तौर पर दो विकल्प हैं।
पहला यह कि वो या तो अपनी जेब पहले से ज्यादा ढीली करें या फिर दिन भर जाम से जूझते रहें। दोनों ही परिस्थितियों ने बड़ी आबादी के पसीने छुड़ा दिए हैं। यही कारण है कि यहां के लोगों की ओर से आंदोलन का स्वर मुखर होने लगा है।
हालांकि तावडू मेवात का हिस्सा है, लेकिन खरीदारी से लेकर अपने जरूरी कामों के लिए यहां के लोग गुड़गांव का ही रूख करते हैं। प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या लोग तावडू से गुड़गांव आते हैं। 84 गांवों के लोगों की आवाजाही दिन भर यहां लगी रहती है।
तावडू से वाया सोहना-गुड़गांव मार्ग की हालत किसी से छिपी नहीं है। सोहना घाटी में दिन भर जाम से लोग पहले ही आजिज हैं। जाम से बचने के लिए लोग गुड़गांव के रास्ते सोहना निकलते थे।
यही हाल फरीदाबाद जाने वालों का था। लोग सोहना की बजाय स्मूथ सफर के लिए गुड़गांव के रास्ते वहां तक पहुंचते थे। लेकिन टोल बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। यहां के लोगों ने राहत की मांग करते हुए आंदोलन करने की तैयारी कर ली है।
एक मार्च से लागू होंगी नई दरें
खेड़कीदौला टोल प्लाजा पर वाहन चालकों के लिए एक मार्च से नई मुसीबत शुरू होने वाली है। एक तारीख से यहां टोल की बढ़ी दरों की वसूली की जाएगी। इस बीच यहां बढ़ी दरों की वसूली शुरू होते ही बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है। कई संगठनों ने इसे अन्यायपूर्ण करार देते हुए इसके खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए कमर कस ली है। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एवं भाजपा नेता कुलभूषण भारद्वाज के साथ गुड़गांव सिटीजन काउंसिल हाईकोर्ट जाएगी।
हालांकि सरहौल टोल हटने के एक दिन बाद ही कुछ देर तक नई दर वसूल की गई, लेकिन वाहन चालकों के हंगामे के कारण इसे बंद कर दिया गया। अब टोल प्रबंधन एक तारीख से नई दर वसूलने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए टोल पर नई दर के सूचना पट्ट आदि लगा दिए गए हैं।