बिलियरी एट्रेसिया नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित एक साल की बच्ची का आर्टेमिस अस्पताल में लिवर प्रत्यारोपण किया गया। सऊदी अरब निवासी बच्ची को उसकी मां ने ही लिवर का हिस्सा दिया था।
खास बात यह है कि इस सर्जरी के लिये विश्व में पहली बार गाय की नस का भी प्रयोग किया गया। सऊदी अरब निवासी बच्ची की मोनो सेगमेंट (सेगमेंट-3) लिवर ग्राफ्ट ट्रांसप्लांट नामक सर्जरी करने में 14 घंटे का समय लगा। बच्ची की सफल सर्जरी के बाद उसके माता पिता बेहद खुश हैं।
अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि फातिमा नामक बच्ची के लिवर के आठ में से केवल एक भाग को प्रत्यारोपित किया गया है। इस सर्जरी के लिये गाय की नस का प्रयोग किया क्योंकि नये लिवर को रक्त पहुंचाने वाली पोर्टल नस बच्ची में विकसित नहीं हुई थीं। इस लिहाज से डॉक्टरों ने एक अनोखा प्रयोग किया।