दिल्ली सरकार ने हड़ताल कर रहे डॉक्टरों पर अल्टीमेटम के बावजूद काम पर नहीं लौटने के कारण एस्मा लगा दिया है। अगर अभी भी डॉक्टर काम पर नहीं लौटते हैं तो सरकार इसके बाद कानूनी कार्रवाई का रूख करेगी।
गौरतलब है कि सरकार ने डॉक्टरों की कुछ मांगें मान ली थी। लेकिन डॉक्टर उनसे संतुष्ट नहीं थे। जिसके चलते उन्होंने हड़ताल जारी रखी। इसके बाद सरकार ने 11 बजे तक डॉक्टरों को हड़ताल खत्म करने का अल्टीमेटम दिया।
लेकिन डॉक्टर अल्टीमेटम मिलने के बाद भी काम पर नहीं लौटे और दिल्ली सरकार ने डॉक्टरों पर 11 बजे के बाद एस्मा एक्ट लागू लगा दिया। अगर डॉक्टर इस कार्रवाई के बाद भी हड़ताल खत्म नहीं करते हैं तो सरकार ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
19 मांगें मानीं, मगर नहीं माने डॉक्टर
इससे पहले दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने की वजह से पूरे दिन मरीज इधर से उधर भटकते रहे। इमरजेंसी और ओपीडी दोनों ठप रहीं। इस दौरान अस्पताल में भर्ती दो मरीजों की मौत हो गई।
करीब 15,000 डॉक्टरों ने सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने, समय पर वेतन देने और अन्य मूलभूत सुविधाओं की खातिर हड़ताल की है। देर शाम तक सरकार ने डॉक्टरों की 19 मांगें मान ली, मगर उन्होंने हड़ताल खत्म करने से इंकार कर दिया है।
भारत सरकार के सफदरजंग अस्पताल, राम मनोहर लोहिया, लेडी हार्डिंग के अलावा दिल्ली सरकार के लोकनायक, गुरुनानक आई सेंटर, जीटीबी, डीडीयू, लालबहादुर शास्त्री, हेडगेवार, अंबेडकर, संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के साथ कई अन्य अस्पतालों के ओपीडी, आपातकालीन विभाग और वार्ड में भर्ती मरीजों को दिक्कत हुई।
एक साथ 15 हजार चिकित्सकों ने काम बंद किया
डॉक्टरों की हड़ताल के बाद बनी स्थिति का जायजा लेने स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने लोकनायक अस्पताल का दौरा किया था। मिली जानकारी के मुताबिक, हड़ताल के दौरान दो मरीजों की मौत हो गई। एक मरीज जीटीबी में और दूसरा लोकनायक अस्पताल में भर्ती था।
मरीजों की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सिद्धार्थ रामजी का कहना है कि एक पुरुष मरीज की मौत सोमवार सुबह हुई है, लेकिन उसकी मौत की वजह हड़ताल को नहीं बताया जा सकता।
क्योंकि मरीज की हालत पहले से खराब थी और इसकी जानकारी परिजनों को दे दी गई थी। वहीं जीटीबी में भर्ती ज्वाला नगर के एक मरीज की भी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। परिजनों की ओर से मौत की वजह हड़ताल को बताया जा रहा है।