बीच सड़क पर छह घंटे तक बैठे रहे डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) विधेयक के खिलाफ डॉक्टरों की हड़ताल के तीसरे दिन शनिवार को राजधानी में सफदरजंग को छोड़कर अन्य अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं शुरू होने से मरीजों को कुछ राहत मिली, लेकिन ओपीडी और ऑपरेशन पहले की तरह ही बाधित ही रहे।
उधर, हड़ताल खत्म नहीं करने पर सरकार ने सख्ती के संकेत देते हुए डॉक्टरों को निलंबित और बर्खास्त करने की चेतावनी दी है। हड़ताल के कारण शनिवार को करीब 60 हजार से ज्यादा रोगियों को उपचार नहीं मिल पाया, वहीं 6 हजार से ज्यादा ऑपरेशन टाले जाने का अनुमान है।
पिछले तीन दिन में हड़ताल के चलते दो लाख से ज्यादा मरीजों को उपचार नहीं मिल पाया है। जबकि 25 हजार से ज्यादा ऑपरेशन टाले जा चुके हैं। उधर, हड़ताली डॉक्टरों ने एम्स और सफदरजंग के बीच सड़क पर छह घंटे तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया।
सुबह विरोध मार्च निकालने के बाद एम्स और सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर आईएनए से हौजखास जाने वाले मार्ग पर बैठ गए। इसके चलते लंबा जाम भी लग गया। स्थिति यह रही कि मौके पर तैनात पुलिस बल कम पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों को बुलाया गया।
एम्स-सफदरजंग प्रबंधन को मंत्रालय की फटकार
हड़ताल पर पिछले तीन दिन से खामोश बैठे एम्स और सफदरजंग अस्पताल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगी है। पीएमओ से मंत्रालय को सख्त एक्शन लेने का आदेश दिया गया।
कुछ ही देर में मंत्रालय से एम्स और सफदरजंग प्रबंधन को फोन आया और तत्काल हड़ताल खत्म कराने के आदेश दिए। इसके तत्काल बाद एम्स और सफदरजंग अस्पताल प्रबंधन ने लिखित आदेश जारी किए कि हड़ताल खत्म नहीं करने पर निलंबन या बर्खास्त करने की कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन डॉक्टरों पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
सोमवार को रामलीला मैदान में प्रदर्शन
दिल्ली के डॉक्टरों ने सभी राज्यों के चिकित्सीय संगठनों से मदद मांगी है। ऐसे में सोमवार को देश भर के डॉक्टर रामलीला मैदान में एकजुट होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। रेजीडेंट डॉक्टरों के साथ एम्स के प्रोफेसर भी प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं।
बताया जा रहा है कि डॉक्टरों ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर एम्स से लेकर रामलीला मैदान तक विरोध रैली निकालने की मंजूरी भी मांगी है। उधर, शनिवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने के संकेत दे दिए हैं। हालांकि एसोसिएशन ने रविवार शाम आपात बैठक बुलाई है।