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आप न आना ऐसे झांसे में: रील देख ठगों के चंगुल में फंसे डॉक्टर, साढ़े सात लाख रुपये गंवाए

Sun, 06 Oct 2024 08:37 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पीड़ित के लिंक पर क्लिक करते ही वह एक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल हो गए। ग्रुप में पहले से सौ से ज्यादा लोग शामिल थे। इस ग्रुप में जॉन हसनैन नाम का व्यक्ति बताता था कि शेयर मार्केट में कितना निवेश करना है। 
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रील देख ठगों के चंगुल में फंसे डॉक्टर - फोटो : freepik
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विस्तार
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दिल्ली के रोहिणी के एक सरकारी अस्पताल में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टर इंस्टाग्राम पर रील देखने के दौरान जालसाज के चंगुल में फंस गए। स्टॉक मार्केट के एक विज्ञापन पर क्लिक करते ही वह जालसाजों के ग्रुप से जुड़ गए। जहां कम समय में निवेश करने पर मोटा मुनाफा के बारे में बताया जा रहा था। उनकी बातों में आकर डॉक्टर ने लाखों रुपये के निवेश कर दिए। मुनाफा नहीं मिलने पर डॉक्टर ने रोहिणी साइबर सेल में शिकायत की।

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पीड़ित डॉक्टर शिवम पांडेय मूलत: पालघर महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और दिल्ली के सेक्टर 6 रोहिणी में रहते हैं। वह अंबेडकर अस्पताल में रेजीडेंट डॉक्टर के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया कि इसी साल 18 फरवरी को इस्टाग्राम पर रील देख रहे थे। उसपर स्टॉक मार्केट का एक विज्ञापन देखा। जिसमे स्टॉक मार्केट में कम समय में ज्यादा पैसे कैसे कमाए इसके बारे में बताया गया था। साथ ही ऑनलाइन क्लास में शामिल होने के लिए नीचे लिंक दिया गया था। 

पीड़ित के लिंक पर क्लिक करते ही वह एक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल हो गए। ग्रुप में पहले से सौ से ज्यादा लोग शामिल थे। इस ग्रुप में जॉन हसनैन नाम का व्यक्ति बताता था कि शेयर मार्केट में कितना निवेश करना है। वह मार्केट के उतार चढ़ाव के बारे में जानकारी देता था। उसकी एक सहयोगी नेहा अपने नंबर से मैसेज कर उन्हें निवेश करने के लिए कहती थी। उसकी बातों में आकर पीड़ित ने पैसे निवेश करने का फैसला किया। 

महिला आरोपी ने उन्हें एक एग्रीमेंट के कागजात भेजे, जिसमें लिखा हुआ था कि पूरी प्रक्रिया होने पर उन्हें 70 फीसदी लाभ मिलेगा जबकि 30 फीसदी उनकी कंपनी की होगी। आरोपियों ने एक एप डाउनलोड करवाया। जिसके जरिए पैसे बैंक खाते में डालने के लिए कहा। बैंक खाते में पैसे डालने पर एप में क्रेडिट दिखाई देता था। उन्होंने एक हजार रुपये डालने के बाद उसे निकाला। जिससे एप पर उनका भरोसा हो गया। उसके बाद वह नेहा के कहने पर लगातार पैसे का निवेश करने लगे। 
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कुछ दिनों तक मुनाफा दिख रहा था। पीड़ित ने पैसे निकालने की कोशिश की लेकिन पैसा नहीं निकला। पीड़ित ने नेहा से बात की। उसने बताया कि तीस फीसदी देने के बाद ही पैसे वापस मिलेंगे। 6.58 लाख जमा रुपये को निकालने के लिए उन्होंने नेहा के खाते में एक लाख रुपये डाले लेकिन पैसे वापस नहीं मिले। ठगी का अहसास होने के बाद उन्होंने इसकी शिकायत साइबर पोर्टल पर की। उसके बाद रोहिणी जिला साइबर सेल ने उनके बया पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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