डीएलएफ फेज-5 स्थित ट्रैफिक सिग्नल पर शनिवार को दी अर्थ सेवियर्स फाउंडेशन द्वारा ‘डू नॉट हांक’ अभियान चलाया गया। इसके माध्यम से लोगों को ध्वनि प्रदूषण के प्रति जागरूक किया गया।
फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से इसके खिलाफ अलख जगा रहा है। उसका कहना है कि जल और वायु प्रदूषण की बात होती है मगर ध्वनि प्रदूषण कितना खतरनाक है, इसकी भी जानकारी लोगों को होनी चाहिए।
ट्रैफिक सिग्नल पर स्कूलों, ग्रामीणों और शहर के प्रबुद्ध लोगों द्वारा ध्वनि प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि वह बिना किसी ठोस कारण के हॉर्न को नहीं बजाएं।
सभी के हाथ में जागरूक करने वाले पोस्टर थे जिस पर बिना कारण के कुत्ते भी नहीं भौंकते जैसा संदेश लिखा था। अभियान के दौरान सेक्टर-57 निवासी अभिजीत शर्मा ने बताया कि देर रात तक गाड़ियों के हॉर्न बजते रहते हैं।
कई वाहनों में तो प्रेशर हॉर्न लगा रहता है जिसका शोर असहनीय होता है। दी अर्थ सेवियर्स फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने गाड़ियों के बंपर पर स्टीकर लगाया। फाउंडेशन द्वारा वर्ष 2008 से ही ‘डू नॉट हांक’ अभियान चलाया जा रहा है।
इसके संस्थापक रवि कालरा ने बताया कि बिना वजह हॉर्न बजने से 80 फीसदी ध्वनि प्रदूषण वातावरण में फैलती है। फाउंडेशन ने मांग की है कि बिना कारण हॉर्न बजाने वालों का चालान कटना चाहिए।