दिल्ली मेट्रो की पहुंच शहर में होने पर न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि बेटियों की सुरक्षा भी हो सकेगी। वर्तमान में हरियाणा रोडवेज की बसों और थ्री-व्हीलर में यात्रा करने के दौरान लड़कियों को छेड़खानी का शिकार होना पड़ता है।
ऐसे में मेट्रो आई तो बेटियों को इस समस्या से राहत मिलेगी। पुलिस प्रशासन के तमाम दावों के बाद भी लड़कियों की सुरक्षा ताक पर होती है।
शहर से दिल्ली नौकरी और पढ़ाई के लिए जाने वाली महिलाओं को आए दिन छेड़खानी और फब्तियों का शिकार होना पड़ता है। इसकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं होती। लड़कियों का कहना है कि मेट्रो की शुरुआत होने पर उन्हें सुरक्षा मिलेगी।
'कठिन होता है डगर'
सेक्टर-30 से लक्ष्मीनगर सीए कोचिंग के लिए जाती हूं। रोजाना ऑटो करना पड़ता है। आए दिन होने वाले भद्दे कमेंट से परेशान रहती हूं।
-वैशाली जखमोला, सेक्टर-30
डीयू से ग्रैजुएशन कर रही हूं। बड़खल से बदरपुर तक जाने में आफत हो जाती है। कोशिश करती हूं कि ऑटो बुक करके जाऊं। शेयरिंग ऑटो से चलने वाला नहीं है। मेट्रो आई तो लड़कियों को इस समस्या से राहत मिलेगी।
-स्वस्ति माहेश्वरी, सेक्टर-21
बस और ऑटो का किराया महंगा पड़ता है। रोजाना नौकरी के लिए दिल्ली जाती हूं। कहने को महिला बोगी होती है, पर उसमें आए दिन लड़के उसमें चढ़कर छेड़खानी करते हैं, पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
-सोनल सिन्हा, ओल्ड फरीदाबाद
छेड़खानी पर तुरंत कार्रवाई होती है। इतना ही नहीं लोगों की सुविधा के लिए वाहनों पर वूमन हेल्प लाइन नंबर भी लिखवाया जाता है। किसी की कॉल आने पर तुरंत कार्रवाई होती है।
--भारती अरोड़ा, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर