कालोनी की मूलभूत समस्याओं को दूर न करने और हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना करने पर न्यायाधीश विवेक कुमार बिरला ने डीएम, जीडीए वीसी और नगर आयुक्त को नोटिस जारी किया है।
चिरंजीव विहार सेक्टर 2 और 3 के मुख्य मार्ग निर्माण सीवर, नाली, अवैध गेट व सफाई व अतिक्रमण की समस्याओं पर समाजसेवी वेदप्रकाश अग्रवाल ने कोर्ट में रिट दाखिल की थी।
समाजसेवी द्वारा पहली बार 16 जुलाई 2014 में गाजियाबाद नगर निगम के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका संख्या 36119 दाखिल की थी। इसके बाद उच्च न्यायालय ने गाजियाबाद जिला प्रशासन को आदेश जारी किया था।
उसके तहत जिलाधिकारी को नगर निगम, जीडीए और आरडब्ल्यूए के साथ बैठक करानी थी। जिलाधिकारी की देखरेख में नगर निगम द्वारा चिरंजीव विहार में विकास कार्य होने थे।
समाजसेवी वेद प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि आदेश के बाद जब डीएम ने कोई बैठक नहीं बुलाई तो उन्होंने कई बार डीएम से पत्र व्यवहार भी किया।
बावजूद इसके कोई हल न निकलने पर उन्होंने दोबारा जिलाधिकारी के खिलाफ कोर्ट में कंटेप्ट एप्लीकेशन 6295 दायर की।
इसके बाद जिलाधिकारी ने 8 दिसंबर 2014 को जिला मुख्यालय में बैठक कर कालोनी की समस्याओं के समाधान के लिए कार्यवाही सुनिश्चित करने की बात की।
इसके बाद भी एक वर्ष बीत जाने पर कालोनी में कोई काम नहीं हुआ। उन्होंने इस वर्ष एक बार फिर से डीएम, वीसी और नगर आयुक्त के खिलाफ रिट दाखिल की है।
एक बार फिर से हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए 7 दिसंबर को तीनों अधिकारियों को नोटिस जारी किया।