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सिंघु बॉर्डर पर डीजे वाला ट्रैक्टर बना आकर्षण का केंद्र, टिकरी सीमा पर नाच-गाने के बाद चेतावनी

Sat, 05 Dec 2020 06:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सिंघु बॉर्डर पर डीजे वाला ट्रैक्टर... - फोटो : ANI
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कृषि कानूनों के खिलाफ बजे किसान आंदोलन के बिगुल बीच दिल्ली की सीमाओं पर खासी गहमागहमी है। हरियाणा और पंजाब के अलावा देश के अगल-अगल हिस्सों से आए किसानों को बॉर्डर पर ही रोक लिया गया है ताकि वे दिल्ली में प्रवेश न कर सकें। ऐसे में किसानों ने बॉर्डर पर ही तंबू गाड़ दिया है। सिंघु बॉर्डर पर बीते आठ-दस दिन से हलचल है। वैसे इन दिनों यहां एक डीजे वाला ट्रैक्टर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 

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एक तरफ किसानों के आंदोलन की आवाज है और दूसरी तरफ संघर्ष की तान है। डीजे वाला ट्रैक्टर आंदोलनरत किसानों का मनोरंजन तो कर ही रहा है उन्हे संघर्ष के लिए भी प्रेरित कर रहा है। इसलिए कि डीजे में संघर्ष के गाने भी बज रहे हैं और गुरबानी भी। नवांशहर पंजाब से आए परमिंदर सिंह ने कहा कि हम यहां कई दिनों से जमा हैं। मनोरंजन का कोई साधन नहीं था लेकिन अब डीजे है। जब भी कुछ सुनते हैं तो दिमाग थोड़ा हल्का हो जाता है। पंजाबी संगीत का किसान भी आनंद ले रहे हैं और साथ ही गुरबानी सुकून दे रही है.    

...लेकिन अराजकता फैलाने वालों की खैर नहीं
उधर, टिकरी बॉर्डर पर आंदोलनकारी किसानों ने शुक्रवार को बड़े ही सख्त लहजे में कहा है कि यहां अराजकता फैलाने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्हें उठाकर पुलिस के हाथ में सौंप दिया जाएगा। शराब पीकर आने वालों, ट्रैक्टर के साथ करतब करने वालों, डीजे लगाकर नाचने वालों या हंगामा करने जैसी किसी गतिविधि में लिप्त पाए जाने वालों की खैर नहीं है। शुक्रवार को टीकरी बॉर्डर पर मंच से किसानों की तरफ से इस बात का एलान किया गया।
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बृहस्पतिवार को टिकरी बॉर्डर पर डीजे बजा कर डांस किया गया था। दूसरी किसानों को इस बात की भनक भी लगी है कि कुछ अराजक तत्व आंदोलन स्थल पर शराब पीकर आ रहे हैं। जिनकी वजह से यहां पर अराजकता का माहौल पैदा हुआ है। किसानों ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण चल रहा है। उन्होंने शांति पूर्वक ही सरकार के सामने अपनी मांगें रखी हैं। आगे भी वह इसी तरह का व्यवहार करना चाहते हैं। 

शुक्रवार शाम को लगभग 3 बजे मंच से इस बात जानकारी दी गई कि हरियाणा के लोग कह रहे हैं कि पंजाब के लोग ऐसा कर रहे हैं, पंजाब के लोग उल्टा हरियाणा के लोगों पर ऐसे ही आरोप लगा रहे हैं। मंच से किसान नेताओं ने कहा कि ऐसे लोग हरियाणा या पंजाब के नहीं बल्कि अराजक लोग हैं। ऐसे लोगों की यहां खैर नहीं है।

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