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दीपावली पर होगी रावण प्रतिमा की स्थापना, दशहरा पर नहीं लगेगी मूर्ति

Tue, 04 Oct 2016 12:28 AM IST
आशुतोष दुबे/अमर उजाला, नोएडा
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रावण का मंदिर - फोटो : फाइल फोटो
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डेढ़ माह बाद भी बिसरख धाम के मंदिर में रावण की प्रतिमा की स्थापना नहीं हो सकी है। अब दीपावली पर यहां प्रतिमा स्थापित की जाएगी। कई धार्मिक संगठनों द्वारा मंदिर में की गई तोड़फोड़ के बाद गांव व मंदिर प्रबंधन में भय व्याप्त है।
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हालांकि मंदिर के महंत का तर्क है कि रावण की प्रतिमा बनने में करीब चार माह का समय लगेगा। उधर, अगस्त में मंदिर में की गई तोड़फोड़ पर महंत सिर्फ कानूनी कार्रवाई का हवाला दे रहे हैं। फिलहाल बिसरख वासियों को अब उस दिन का इंतजार है, जब मंदिर में रावण की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

गौरतलब है कि 11 अगस्त को बिसरख के रावण के मंदिर में रावण की प्रतिमा भगवान राम, राधे कृष्ण के साथ स्थापित की जानी थी। जिसके गाजियाबाद स्थित दूधेश्वर नाथ मंदिर स्थित जूना अखाड़ा के अलावा अन्य महंतों ने इसका विरोध किया था। 
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10 अगस्त को कुछ अराजक तत्वों ने मंदिर में घुसकर करीब 5 लाख रुपये की कीमत से बनी रावण की प्रतिमा को खंडित कर दिया था। ऐसे में 11 अगस्त को रावण की प्रतिमा की स्थापना नहीं हो सकी। जिसके बाद मंदिर के महंत ने कई लोगों के खिलाफ बिसरख थाने में मामला दर्ज करवाया। हालांकि पुलिस का कहना है कि वह अपनी तरफ से कार्रवाई कर रही है।
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रावण के जन्म स्थल पर हैं दो मंदिर 

रावण का मंदिर - फोटो : फाइल फोटो
प्रेस वार्ता के दौरान महंत ने दशहरे पर रावण की दूसरी प्रतिमा बनवाकर स्थापना की घोषणा की थी। जिसके बाद करीब 7 लाख रुपये की लागत से रावण की दूसरी मूर्ति बनवाने के लिए राजस्थान भेजा गया, लेकिन दशहरे पर भी होने वाली स्थापना को टाल दिया गया है। उधर, अखाड़े के महंतों ने स्पष्ट कहा कि मंदिर में रावण की प्रतिमा स्थापित नहीं होने दी जाएगी।
जन्म स्थल पर हैं दो मंदिर 
बिसरख जिसे रावण का जन्म स्थल माना जाता है। वहां दो मंदिर हैं। पहला प्राचीन शिव मंदिर, जिसमें शिवलिंग की स्थापना खुद रावण के पिता ऋषि विश्वेर ने की थी। जबकि दूसरा मोहन बाबा का मंदिर।   यहां रावण की प्रतिमा स्थापित की जानी है। दोनों मंदिरों के महंतों के आपसी विवाद के चलते एक दशक से मंदिर में रावण की प्रतिमा की स्थापना नहीं हो सकी थी। लेकिन जब स्थापना का दिन आया, उस दिन मंदिर में तोड़फोड़ हो गई।

प्रशासन स्तर से जारी है बातचीत 
मंदिर के महंत अशोकानंद ने बताया कि गांव में रावण का मंदिर आस्था का प्रतीक है। तोड़फोड़ ने ग्रामीणों की आस्था को सीधे चोट की है। लिहाजा दीपावली पर पुलिस की देखरेख में मंदिर में रावण की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। 
    इसके लिए प्रशासन स्तर से बातचीत की जा रही है। उधर, गांव में अभी तनाव व्याप्त है। वह गांव में अमन शांती चाहते हैं न कि महंतों के आपसी झगड़े में बिसरख धाम की शांती को भंग करवाना। 
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