फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कालकाजी से बॉटेनिकल गार्डन की दूरी होगी आधी, यात्रा में लगेंगे महज 19 मिनट, किराया भी लगेगा कम

Mon, 20 Nov 2017 01:20 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
demo pic
विज्ञापन
 दक्षिणी दिल्ली से नोएडा की आवाजाही अब ज्यादा आसान हो जाएगी। दिल्ली मेट्रो फेज तीन की 38.23 किलोमीटर मजेंटा लाइन में 12.64 किलोमीटर लंबे बॉटेनिकल गार्डन से कालकाजी सेक्शन को खोलने की हरी झंडी मिल गई है। हालांकि, मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त ( सीएमआरएस) ने यह मंजूरी सशर्त दी है। शर्तें पूरी होने के बाद ही आम लोग इस रूट पर सफर कर पाएंगे। 
विज्ञापन



डीएमआरसी प्रवक्ता अनुज दयाल के मुताबिक, सीएमआरएस ने दिल्ली मेट्रो की इस लाइन का बीते 13 से 15 नवंबर के बीच मुआयना किया था। तीन दिन की जांच के बाद अब सशर्त मंजूरी दी है। दयाल का कहना है कि शर्तें तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। इसमें कुछ खामियां रह गईं थीं। इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इस लाइन पर दिल्ली मेट्रो पहली बार सीबीसीटी (कम्युनिकेशन बेस्ड सिग्नलिंग सिस्टम) का प्रयोग कर रही है।

बता दें कि बीते सोमवार को सीएमआरसी ने 38.23 किमी लंबी मजेंटा लाइन (बॉटेनिकल गार्डन से जनकपुरी पश्चिम) के एक सेक्शन बॉटेनिकल गार्डन से कालकाजी मंदिर के बीच पड़ने वाले 9 स्टेशनों का मुआयना शुरू किया था। करीब 12.64 किमी लंबे हिस्से की तीन दिन तक जांच की गई थी। इससे पहले इस सेक्शन पर करीब एक साल तक ट्रायल चला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पहली बार ड्राइवर लेस मेट्रो ट्रेन तकनीक का इस्तेमाल 

दिल्ली मेट्रो - फोटो : SELF
 इस सेक्शन के खुलने से दक्षिणी दिल्ली से नोएडा की दूरी कम हो जाएगी। इसका असर डीएनडी फ्लाईओवर पर पड़ेगा वहां वाहनों का बोझ कम होगा। कालकाजी इंटरचेंज (वायलेट लाइन व मजेंटा लाइन) के चलते फरीदाबाद नोएडा की दूरी कम हो जाएगी। पहले नोएडा से फरीदाबाद जाने के लिए ब्ल्यू लाइन से मंडी हाउस आना पड़ता था। इससे किराया व दूरी दोनों कम हो जाएंगे। 

पहली बार ड्राइवर लेस मेट्रो ट्रेन तकनीक का इस्तेमाल 
मेट्रो में पहली बार ड्राइवर लेस मेट्रो ट्रेन तकनीकी कम्युनिकेशन बेस्ड सिग्नलिंग सिस्टम (सीबीएसटी) का प्रयोग हो रहा है। इससे मेट्रो की फ्रीक्वेंसी भी मौजूदा व्यवस्था से अच्छी होगी। फ्रीक्वेंसी 90 से 100 सेकेंड तक हो सकती है। स्टेशनों पर शुरू से ही पीएसडी (प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर) वाले स्टेशन होंगे। इस तकनीक के चलते मेट्रो को इसका ट्रायल पूरा करने में एक साल का समय लग गया।  
फैक्ट फाइल: 
38.23 किलोमीटर की पूरी मजेंटा लाइन। 
12.64 किलोमीटर खुलेगा पहले चरण में। 
09 स्टेशन होंगे इस नए सेक्शन पर। 
01 लाख के करीब लोगों को फायदा होगा।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें