बीजेपी दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद अब पार्टी के भीतर दिल्ली की सत्ता पाने की होड़ मच गई है।
दिल्ली में विधानसभा चुनावों की आहट के बीच बीजेपी में छिड़े इस घमासान में दिग्गज नेताओं नें भी जोड़तोड़ और शक्ति प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
हालांकि लोकसभा चुनावों के दौरान ही इस पद के लिए किरन बेदी का नाम सामने आया था लेकिन हाल ही में हर्षवर्धन ने इससे इंकार कर दिया।
अब पार्टी नेताओं के बीच छिड़ी सत्ता की जंग में एक बड़े नेता सबसे ज्यादा चर्चा में है।
फेसबुक पर मिशन 'दिल्ली सीएम'
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, दिल्ली के सीएम उम्मीदवार के लिए बीजेपी के दिग्गज नेता जगदीश मुखी का नाम सामने आने से पार्टी के भीतर घमासान छिड़ा हुआ है।
दरअसल, जगदीश मुखी को दिल्ली का सीएम उम्मीदवार बनाने की यह मांग उनके समर्थकों ने उठाई है। इसके लिए बाकायदा फेसबुक पर 'डॉ. जगदीश मुखी फॉर दिल्ली सीएम' नाम से पेज बनाया गया है।
पेज बनाने वाले ने इसकी टैगलाइन पर लिखा है, 'हम दिल्ली की सत्ता एक योग्य और सही व्यक्ति के हाथों में देना चाहते हैं। इसके लिए हम जगदीश मुखी के नाम का समर्थन करते हैं।' उधर, सीएम कैंडीडेट बनने की दौड़ में शामिल दूसरे नेताओं ने इस मुद्दे पर बवाल खड़ा करना शुरू कर दिया है।
जगदीश मुखी का ये बयान
विरोधियों के रुख को देखते हुए डॉ. जगदीश मुखी खुद ही इस फेसबुक पेज के बचाव में उतर आए। मुखी ने कहा कि हर समर्थक चाहता है कि उसका चहेता नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे और मेरे समर्थक भी यही कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मैं समर्थकों को ऐसा करने से रोक नहीं सकता क्योंकि यह उनकी इच्छा है। हर पार्टी समर्थकों और कार्यकर्ताओं के सहयोग और उत्साह से ही मजबूत होती है।
उधर, बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया है कि मुखी ने सीएम कैंडीडेट बनने के लिए अपने एरिया में खुद ही यह कैंपेन शुरू कराया है ताकि समर्थन देखकर उन्हें सीएम पद के लिए प्रोजेक्ट किया जा सके।
तो ये है असली खेल
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक नेताओं का यह सारा खेल दिल्ली प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बनने के लिए रचा जा रहा है। डॉ. हर्षवर्धन के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद यह पद खाली हो चुका है।
नेताओं का मानना है कि दिल्ली बीजेपी का अध्यक्ष बनने के बाद सीएम उम्मीदवार बनना बड़ी बात नहीं होगी। क्योंकि दिल्ली के सीएम उम्मीदवार बनने का रास्ता इसी कुर्सी से होकर जाता है।
बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अगर पार्टी के भीतर यही हाल रहा तो आने वाले चुनावों में बीजेपी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। क्योंकि ऐसा कई बार पहले भी हो चुका है।