नोएडा विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि बाहरी व्यक्ति को टिकट दिया गया तो कार्यकर्ता साथ नहीं देंगे।
उनका साफ कहना कि मेहनत करें स्थानीय कार्यकर्ता और मलाई बाहरी व्यक्ति खा जाए, ऐसा नहीं चलेगा। उनका इशारा कांग्रेस छोड़ कर मतदान से चंद दिन पहले भाजपा में शामिल होने वाले रमेश चंद्र तोमर की ओर था।
पिछले दिनों रमेश चंद्र तोमर और उनके बेटे विकास तोमर के शहर में होर्डिंग लगने के बाद अटकलों का बाजार गर्म है। तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
कई लोग लगे हैं टिकट की लाइन में
कई पदाधिकारी इन पोस्टरों को उपचुनाव में प्रत्याशी की दावेदारी के तौर पर देख रहे हैं। ऐसे में स्थानीय संभावित प्रत्याशियों ने अभी से बाहरी व्यक्ति को प्रत्याशी बनाए जाने के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
साथ ही हाईकमान तक संदेश पहुंचाना शुरू कर दिया है कि बाहरी को प्रत्याशी बनाया गया तो कार्यकर्ता और पदाधिकारी साथ नहीं देंगे।
नाम न छापने की शर्त पर एक पदाधिकारी ने बताया कि सालों से भाजपा को खड़ा करने के लिए स्थानीय कार्यकर्ता मेहनत कर रहे हैं। जब मेहनत का फल मिलने का वक्त आया तो भला व्यक्ति किसी बाहरी को कैसे प्रत्याशी के तौर पर देख सकता है।
AAP और बसपा नहीं लड़ेंगी चुनाव
जानकारी के मुताबिक आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने नोएडा विधानसभा उपचुनाव से दूर बनाने का फैसला किया है।
इसके पीछे आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में चुनावी माहौल को मुख्य वजह बताया है जबकि ऐसा माना जा रहा है कि बसपा ने करारी हार के डर से खुद ही मैदान छोड़ दिया है।
उधर, लोकसभा चुनावों में कांग्रेस और सपा की जबरदस्त हार के बाद इस सीट पर उपचुनाव में एक बार फिर कड़र टक्कर देखने को मिल सकती है। गौरतलब है कि यह लोकसभा सीट डॉ. महेश शर्मा के सांसद बनने के बाद खाली हुई है।