आशियाना न मिलने पर निवेशक एक बार फिर भड़क उठे । गुस्साए निवेशकों ने शनिवार को सेक्टर-70 स्थित पेन ओएसिस प्रोजेक्ट के बाहर जमकर हंगामा किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई। सूचना मिलने पर नोएडा की विधायक मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया।
पेन ओएसिस प्रोजेक्ट में दिल्ली-एनसीआर के सैकड़ों निवेशक पैसा फंसाए बैठे हैं। वर्ष 2009 में बुक कराए फ्लैटों पर 2012 में पजेशन देने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक निवेशकों को उनका घर नहीं मिला है। बिल्डर की लेटलतीफी से परेशान निवेशकों की भीड़ सुबह से ही प्रोजेक्ट साइट के बाहर जुटने लगी थी।
निवेशक बिल्डर कंपनी के अधिकारियों से मिलने की मांग कर रहे थे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर घुसने नहीं दिया। इस पर निवेशक भड़क गए और बिल्डर के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। भीड़ ने जबरन प्रोजेक्ट साइट के अंदर जाने की कोशिश की मगर पुलिस ने रोक दिया।
इस दौरान सुरक्षाकर्मियों और निवेशकों के बीच हल्की झड़प भी हुई। निवेशकों ने बिल्डर को शह देने का आरोप लगाते हुए यूपी पुलिस और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर रवि कांत पाराशर ने बिल्डर कंपनी के अधिकारियों से बातचीत का आश्वासन दिया। पुलिस और बिल्डर प्रतिनिधियों के बीच काफी देर तक वार्ता का दौर चला। इसके बाद इंस्पेक्टर के साथ बिल्डर प्रतिनिधि बाहर आए और एक बार फिर दोनों पक्षों में जमकर कहासुनी हो गई।
मौके पर पहुंची विधायक विमला बाथम ने बिल्डर कंपनी के एमडी और निवेशकों के प्रतिनिधिमंडल के बीच अगले शनिवार को वार्ता कराने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। विधायक ने बिल्डर को पजेशन की आखिरी तारीख निर्धारित करने की हिदायत भी दी है।
विधायक के सामने दबंग बने इंस्पेक्टर
प्रोजेक्ट साइट पर घंटों हाई वोल्टेज ड्रामा चला। निवेशक बिल्डर से मिलने की मांग पर डटे थे और मौके पर मौजूद पुलिस इंस्पेक्टर के बाहर आने का इंतजार कर रहे थे। करीब डेढ़ घंटे बाद इंस्पेक्टर बिल्डर प्रतिनिधियों के साथ बाहर आए। बिल्डर प्रतिनिधियों से सामना होने पर निवेशकों ने सवालों की बौछार कर दी। इस पर इंस्पेक्टर निवेशकों पर भड़क गए। विधायक भी वहीं खड़ी थीं। मामला बेकाबू होते देख विधायक ने इंस्पेक्टर को धमकाकर शांत कराया।