आम आदमी पार्टी के सरकार बनाने का दावा पेश करने के फैसले से सबसे बड़ा झटका बिजली वितरण कंपनी डिस्कॉम्स को लगा है।
आप ने अपने घोषणा पत्र में साफ कहा है कि बिजली की कीमत फौरन 50 फीसदी कम की जाएगी और कंपनियों के हिसाब-किताब का सीएजी से ऑडिट कराया जाएगा।
अगर बिजली वितरण कंपनियां सीएजी से ऑडिट कराने से इंकार करती हैं तो उनका लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और दूसरी कंपनियों को बिजली सप्लाई करने का मौका दिया जाएगा।
अगर कोई नई कंपनी नहीं आना चाहेगी तो सरकार अपने स्तर से बिजली सप्लाई का जिम्मा उठाएगी।
सरकार के इस फैसले से रिलायंस की कंपनी राजधानी और यमुना पावर लिमिटेड को ज्यादा परेशानी होगी, क्योंकि दिल्ली के दो तिहाई इलाके में बिजली वितरण का जिम्मा इसी कंपनी पर है। एक चौथाई हिस्से में टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) बिजली वितरण करती है।