फरीदाबाद में नालों की सफाई को लेकर अगर नगर निगम का यही हाल रहा तो मानसून की बारिश होने के बाद शहर का जलमग्न होना तय है। मानसून सिर पर है और अब तक नालों की सफाई नहीं हुई है।
शहर के सभी पार्षद नगर निगम सदन में और विधायक 22 जून को बल्लभगढ़ में हुई सीएम की सभा में यह मुद्दा उठा चुके हैं। जाहिर है कि नालों की सफाई को लेकर जन प्रतिनिधियों को चिंता है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।
शहर के कई नाले मानसून से पहले ही ओवरफ्लो हैं। ऐसे में जरा सी बारिश हुई नहीं कि इनका पानी रिहायशी एरिया में घुसने लगेगा। शहर के 80 फीसदी नालों पर अवैध कब्जा है। न तो वह कब्जे हटवाए गए हैं और न ही खुले नालों की सफाई करवाई गई है। एसी नगर के नाले का बुरा हाल है। जबकि यह मेयर अशोक अरोड़ा का वार्ड है।
नगर निगम के डिप्टी मेयर राजेंद्र भामला का कहना है कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर नगर निगम के अधिकारी घोर लापरवाही बरत रहे हैं। जलभराव हुआ तो वरिष्ठ अधिकारियों से नगर निगम सदन में जवाब तलब किया जाएगा।
अधिकारियों ने नालों की सफाई को लेकर कोई प्लान नहीं बनाया है। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता डीआर भास्कर का कहना है कि एक-एक करके सभी नालों की नगर निगम सफाई करवा रहा है।
इन मुख्य नालों की नहीं हुई है सफाई:
-हार्डवेयर-नीलम रोड नाला
-हार्डवेयर-बाटा रोड नाला
-सेक्टर-22 शमशान घाट से बाटा तक
-एसी नगर का मुख्य नाला
-60 फुट एयरफोर्स रोड नाला
-27 फुट डबुआ कॉलोनी नाला
-एसी नगर निवासी मोहसिन खान, राहिल अहमद, शान एवं नवाब का कहना है कि नगर निगम समय से नाले की सफाई नहीं करवा रहा है। ऐसे में बारिश हुई तो लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पिछले साल एसी नगर में नाले की सफाई के नाम पर लोगों के घर तोड़ दिए गए थे और पेड़ भी काटे गए थे लेकिन अब तक नाले की स्थिति नहीं सुधरी।