दिव्यांगों के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं में भ्रष्टाचार और दुरुपयोग रोकने के लिए सरकार अब यूनिक बायोमेट्रिक कार्ड जारी करेगी। आधार कार्ड की ही तरह इस कार्ड में दिव्यांग की पूरी जानकारी और अब विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ की जानकारी दर्ज होगी। बायोमेट्रिक कार्ड बनने से दिव्यांगजन एक ही योजना का लाभ कई बार नहीं ले सकेंगे और न ही विभिन्न स्तरों पर उनके नाम पर भ्रष्टाचार हो सकेगा।
केंद्रीय सामाजिक कल्याण एवं अधिकारिता मंत्रालय दिव्यांग जनों के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाता है जिसका संचालन जिला की रेडक्रॉस सोसाइटी के सहयोग से होता है। इनमें दिव्यांगजनों के लिए ट्राइसाइकिल, कैलीपर्स, कृत्रिम अंग आदि प्रदान करना भी शामिल है।
मंत्रालय को शिकायतें मिलीं कि दिव्यांगजन विभिन्न योजनाओं का लाभ कई कई बार ले लेते हैं। इसके लिए वह अलग-अलग राज्यों व अलग अलग जिलों में भी लाभ उठाने से बाज नहीं आते हैं। वहीं इन दिव्यांगजनों के नाम पर योजनाओं में भ्रष्टाचार करने की भी शिकायतें प्राप्त हुईं। जिस पर दिव्यांगजनों के लिए यूनिक आईडी कार्ड बनाने का निर्णय हुआ।
क्या होगा यूनीक दिव्यांग कार्ड में
इन यूनीक दिव्यांग कार्ड को आधार कार्ड के फार्मेट में तैयार किया जाएगा। जिसमें संबंधित दिव्यांग की आंखों व हाथों के फिंगर प्रिंट्स लिए जाएंगे। कार्ड में कौन सा अंग किस दर्जे तक अक्रिय है इसकी भी जानकारी दर्ज होगी। पूरे देश में किसी भी दिव्यांग का एक ही यूनीक कार्ड होगा और भविष्य में किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए इस यूनीक कार्ड को जरूरी किया जाएगा।
केंद्रीकृत होंगे यूनीक कार्ड के डेटा
इस यूनीक कार्ड के डेटा केंद्रीकृत होंगे और मंत्रालय इसके लिए बनाए जा रहे पोर्टल पर सभी डेटा को अपलोड करेगा जो एक की द्वारा संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध होंगे। इस प्रकार किसी योजना का लाभ लेने के लिए ुव्यांग जन द्वारा नंबर देने पर पता चल जाएगा कि उन्होंने पहले लाभ लिया है अथवा नहीं।
कार्ड से पता चलेगी दिव्यांगों की सही संख्या
रेड क्रॉस सोसाइटी के अधिकारी का कहना है कि इस दिव्यांग कार्ड के बन जाने पर न केवल दिव्यांगों की सही जानकारी हमारे पास होगी, वहीं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने वालों की भी सही संख्या के बारे में पता चल सकेगा।
हर साल इतने दिव्यांग लेते है योजना का लाभ
वर्ष दिव्यांग
2014-15 599
2015-16 605
2017 मार्च तक 672
जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव बीबी कथूरिया ने बताया कि जल्द ही यह योजना लागू होने वाली है। इससे विभाग के पास दिव्यांगो का सही डाटा हो पाएगा। और यह पता चलेगा कि पूरे जिले में कितने दिव्यांग है।