एलजी कार्यालय का आरोप, मुख्यमंत्री ने 14 फरवरी से रोक रखी है फाइल
कॉलेज के सहायक प्रोफेसर पर लगा था छात्राओं के साथ यौन शोषण का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बाबा साहेब अंबेडकर (बीएसए) मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य पर कार्रवाई को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के बीच विवाद बढ़ गया है। इस मामले में उपराज्यपाल कार्यालय का कहना है कि प्रिंसिपल को हटाने की फाइल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 14 फरवरी से रोक रखी है। उधर, स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज प्राचार्य को हटाने की मांग को लेकर हंगामा कर रहे हैं। उन्होंने 20 मार्च को मंत्री ने एलजी को एक नोट लिखा। उसमें डॉ ईश्वर सिंह को उनके पद से तत्काल हटाने की मांग की। आरोप लगाया कि वह पीड़ित लड़कियों का सहयोग नहीं कर रहे।
बता दें कि मेडिकल कॉलेज की छात्राओं ने आरोप लगाया था कि एक सहायक प्रोफेसर ने उनके साथ यौन शोषण किया। काफी दिनों तक इस मामले में कार्रवाई न होने पर भाजपा सहित अन्य संगठनों ने कॉलेज के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इसके तुरंत बाद इस मामले में सक्रियता बढ़ी।
वहीं, एलजी कार्यालय का कहना है कि यह गंभीर मामला है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ईश्वर सिंह को हटाने या स्थानांतरण की फाइल 14 फरवरी से मुख्यमंत्री के पास लंबित है। राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण (एनसीसीएसए) के अध्यक्ष मुख्यमंत्री हैं। उन्हें सदस्य सचिव (एनसीसीएसए) ने सात मार्च और 13 मार्च को रिमाइंडर भेजा लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
इसे लेकर एलजी ने 21 मार्च को एक नोट मुख्यमंत्री को लिखा। इसमें कहा कि मुख्यमंत्री इस दिशा में काम नहीं कर रहे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एलजी पहले ही दिल्ली पुलिस को आपराधिक कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दे चुके हैं। उन्होंने मुख्य सचिव को मामले में अनुशासनात्मक कार्यवाही में तेजी लाने का भी निर्देश दिया है।