नोएडा और ग्रेटर नोएडा के एक दर्जन गावों में पैर पसार चुके डायरिया के डर से बड़े पैमाने पर पलायन शुरू हो चुका है। पिछले दिनों हुई मौतों से लोग खौफजदा हैं।
जेवर, रबूपुरा, दनकौर, साबौता, भुन्ना और आसपास के गांवों के कई लोग घर छोडृकर चले गए हैं। कइयों ने पूरे परिवार को भेजने की बजाए सिर्फ महिलाओं को बच्चों को रिश्तेदारी वगैरा में भेज दिया है। बीमारी के डर से स्कूल तक बंद कर दिए गए हैं।
वैसे तो बीमारी का प्रकोप अब कम हो रहा है मगर डर कम होने में अभी वक्त लगता दिख रहा है। मौजूदा हालात की जानकारी हासिल करने के लिए अमर उजाला की टीम ने वहां डेरा डालकर पुख्ता सूचनाएं जुटाईं।
एक खास बात जो नजर आई वह यह थी कि गंदगी के चलते फैलने वाली इस बीमारी की रोकथाम के लिए वहां ठोस इंतजाम नहीं हैं। बीमारी फैल जाने के बावजूद गांवों में गंदगी का अंबार नजर आ रहा था।
नालियों का पानी सड़कों पर जबकि पोखर गंदगी से भरे हुए थे। इन दिनों तो वहां दवा का छिड़काव हो रहा है, मगर न पहले कभी हुआ और न ही बाद में होने की संभावना नजर आई।