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इस शहर की 16 फीसदी आबादी स्लम में रहती है

Sun, 24 Aug 2014 01:57 PM IST
भोला पाण्डेय/ अमर उजाला, फरीदाबाद
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देश की राजधानी से सटे कलपुर्जों की इस औद्योगिक नगरी की 16 फीसदी आबादी स्लम एरिया में रहती है।
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शहरी क्षेत्र का करीब सवा प्रतिशत एरिया स्लम है। स्लम बस्तियों में रहने वालों ने 23.40 लाख वर्गमीटर की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है।

यह सुनकर आपको ताज्जुब लग रहा होगा, लेकिन हकीकत है। शहर को स्लम मुक्त शहर बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई राजीव गांधी आवास योजना के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा तैयार की गई सर्वे रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। इतने बड़े पैमाने पर हुए कब्जे को हटवा पाने में नगर निगम और संबंधित विभाग नाकाम रहे हैं।

सर्वे रिपोर्ट पर नजर डालें तो नगर निगम द्वारा चिन्हित किए गए स्लम एरिया में शहरी जनसंख्या की 15.60 प्रतिशत आबादी रहती है। अर्थात 49 हजार परिवारों के करीब 2,19,264 लोग यहां रहते हैं।
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रोजगार एवं धंधे की तलाश में देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने खाली पड़ी सरकारी जमीन पर ही झुग्गी डालकर कब्जा कर लिया। क्योंकि औद्योगिक घरानों ने अपने श्रमिकों को आवास उपलब्ध नहीं करवाए। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बसी झुग्गियां इसी की देन हैं।

यहां नेताओं का है वोट बैंक
शहरी क्षेत्र में बने 63 स्लम एरिया नेताओं के लिए वोटबैंक का काम करते हैं। धरना-प्रदर्शन हो या फिर नेताओं की रैली, यहीं से लोगों को ले जाकर भीड़ बढ़ाई जाती है। बदले में उन्हें खाने-पीने का सामान उपलब्ध करा दिया जाता है।
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चूंकि झुग्गियों में रहने वालों ने अपना मतदाता पहचान पत्र और राशनकार्ड भी बनवा रखा है। ऐसे में कोई भी नेता उन्हें नाराज नहीं करना चाहता। यदि नगर निगम अथवा अन्य विभाग कभी उन्हें हटाने की कोशिश भी करता है तो वोट बैंक के चक्कर में नेता उन्हें करने नहीं देते।

इन विभागों की जमीन पर बसी हैं स्लम बस्तियां
विभाग-------घरों की संख्या---आबादी-------कब्जे की जमीन (वर्ग मीटर)
नगर निगम-------17617----------75,148---------9,32,580
हुडा--------------11446-----------51,660---------3,54,298
पुर्नावास विभाग-----6005---------28550---------3,26,328
भारत सरकार--------516-----------2410---------2,88,833
रेलवे----------------778----------3704------------36,793
सिंचाई विभाग------1792----------8530---------1,07,196
गुरुकुल-------------1138---------5184---------1,29,264
प्राइवेट जमीन-------1066---------4904------------78,083
अन्य विभाग--------8531--------39174---------3,47,185
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